Wednesday, March 4, 2026
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उप्र विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पहले दिन शोक प्रस्ताव के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित

-लखीमपुर कांड पर विपक्ष ने किया हंगामा, धरने पर बैठे

-गुरुवार को सदन में अनुपूरक बजट प्रस्तुत करेगी योगी सरकार

लखनऊ (हि.स.)। उत्तर प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र बुधवार को शुरु हुआ। पहले दिन शोक प्रस्ताव के बाद सदन की कार्यवाही गुरुवार पूर्वाह्न 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। विपक्ष के सदस्यों ने सत्र के प्रथम दिवस लखीमपुर कांड को लेकर हंगामा किया और धरने पर भी बैठे।

विधानसभा का शीतकालीन सत्र पूर्वाह्न 11 बजे शुरु हुआ। मुख्यमंत्री और नेता सदन योगी आदित्यनाथ ने सदन में सबसे पहले शोक प्रस्ताव रखा। उन्होंने विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष सुखदेव राजभर तथा तमिलनाडु में कुन्नूर के निकट हुई हेलीकाप्टर दुर्घटना में देश के पहले चीफ आफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत और 11 अन्य सैन्य अफसरों के निधन की सूचना सदन को दी। मुख्यमंत्री ने इस दौरान दिवंगतों के प्रति अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त करते उन्हें अपने श्रद्धासुमन भी अर्पित किए।

इसके बाद नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चैधरी, बसपा विधानमंडल दल के नेता उमाशंकर सिंह, कांग्रेश विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना और अपना दल सोनेलाल के नेता हरिराम ने भी दिवंगतों को श्रद्धांजलि दी। दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए सदस्यों ने सदन में दो मिनट का मौन भी धारण किया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने सदन की कार्यवाही को गुरुवार पूर्वाह्न 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

विधान परिषद में भी पहले दिन परिषद के पूर्व सदस्यों, चीफ आफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत एवं अन्य दिवंगतों के निधन पर शोक प्रस्ताव पारित कर वहां की कार्यवाही भी गुरुवार पूर्वाह्न 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

पूर्व में सत्र के पहले दिन विपक्ष के सदस्यों ने लखीमपुर की घटना को लेकर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के इस्तीफे की मांग करते हुए सदन के अंदर और बाहर हंगामा किया। विपक्षी सदस्य अपनी मांग को लेकर धरने पर भी बैठे।

उप्र विधान मंडल का शीतकालीन सत्र मात्र तीन दिन तक ही चलेगा। गुरुवार को योगी सरकार सदन में द्वितीय अनुपूरक अनुदानों की मांगों एवं वित्तीय वर्ष 2022-23 का आय-व्ययक (अन्तरिम) तथा उसके एक भाग के लिए लेखानुदान प्रस्तुत करेगी। शुक्रवार को अनुपूरक बजट पर चर्चा होगी और उसे पारित कराया जाएगा। इस तीन दिन के सूक्ष्म सत्र के दौरान सरकार कुछ जरुरी बिल भी सदन से पारित करा सकती है।

पीएन द्विवेदी

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