लखनऊ (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में विधानसभा की सात सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए सभी सियासी दलों ने कमर कस ली है। प्रचार अभियान धीरे-धीरे गति पकड़ रहा है। हालांकि सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का प्रचार अभियान अभी सबसे आगे चल रहा है।
विधानसभा की सातों सीटों पर उपचुनाव के लिए तीन नवम्बर को मतदान होना है। ऐसे में भाजपा, सपा, कांग्रेस और बसपा समेत सभी दलों के बड़े नेताओं ने अपने उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार प्रारम्भ कर दिया है।
भाजपा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व डॉ. दिनेश शर्मा के अलावा प्रदेश सरकार के अधिकतर मंत्रियों को प्रचार अभियान की जिम्मेदारी सौंप दी है। सरकार के मंत्री प्रभार वाले विधानसभा क्षेत्रों में कई दिनों से प्रचार अभियान में लग भी गये हैं। वे जनता के बीच सरकार की योजनाएं गिना रहे हैं।
वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व डॉ. दिनेश शर्मा और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह गुरुवार से पार्टी उम्मीदवारों के समर्थन में ताबड़तोड़ चुनावी रैलियां करेंगे। प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल तो पिछले करीब एक पखवारे से उप चुनाव वाले क्षेत्रों का लगातार दौरा कर रहे हैं।
जिन सात विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं, उनमें से छह सीटों पर भाजपा का पहले से कब्जा था, जबकि जौनपुर की मल्हनी सीट सपा के खाते में थी। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मनीष शुक्ला का दावा है कि उपचुनाव में पार्टी सभी सातों सीटों पर जीत का परचम लहराएगी। उधर सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चैधरी का कहना है कि भाजपा के कुशासन से जनता परेशान है। ऐसे में ये उपचुनाव भाजपा की हार का संदेश देंगे।
इन सीटों पर है उपचुनाव
1- घाटमपुर – कानपुर की घाटमपुर सीट से 2017 में योगी सरकार की मंत्री कमलरानी वरूण निर्वाचित हुई थीं। उनके निधन से यह सीट खाली हुई है। उपचुनाव में इस सीट के लिए कुल छह उम्मीदवार मैंदान में हैं। 2- नौंगाव सादात – अमरोहा जिले की नौंगाव सादात सीट से 2017 के चुनाव में चेतन चैहान भाजपा से विधायक चुने गये थे। वह भी योगी सरकार में मंत्री थे। कोरोना से उनका निधन हो गया। ऐसे में यह सीट इस समय रिक्त है। इस सीट से 14 उम्मीदवार चुनाव मैंदान में हैं।
3- मल्हनी – जौनपुर जिले की इस सीट से 2017 के विधानसभा चुनाव में सपा के पारसनाथ यादव जीते थे। उनके निधन के कारण यह सीट खाली हुई है। यहां से 16 उम्मीदवार अपने-अपने भाग्य आजमा रहे हैं। 4- बांगरमऊ – उन्नाव जिले की इस सीट से चुनाव जीते कुलदीप सिंह सेंगर रेप कांड में दोषी साबित हुए हैं। ऐसे में उनकी सदस्यता खत्म हो जाने से यह सीट खाली हुई है। इस सीट से कुल दस उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। 5- देवरिया – भाजपा विधायक जन्मेजय सिंह के निधन के कारण यह सीट खाली हुई है। देवरिया सीट के लिए 14 उम्मीदवार उपचुनाव में भाग्य आजमा रहे हैं।
6- टूण्डला – फिरोजाबाद जिले की टूण्डला सीट से निर्वाचित विधायक एसपी सिंह बघेल बाद में भाजपा से सांसद बन गये। इसके बाद से यह सीट खाली हो गई है। इस सीट से दस उम्मीदवार मैंदान में हैं।
7- बुलंदशहर – इस सीट से भाजपा के वीरेन्द्र सिंह सिरोही विधायक चुने गये थे। उनके निधन के कारण यह सीट खाली हुई है। बुलंदशहर सीट के लिए सर्वाधिक 18 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।
