Monday, March 30, 2026
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उप्र: राष्ट्रपति को पत्र भेजकर पत्रकार ने परिवार संग स्वतंत्रता दिवस पर मांगी इच्छा मृत्यु

– फर्जी मुकदमें से परेशान पत्रकार ने न्याय न मिलने पर किया निर्णय

हरदोई(हि.स.)। जिले के एक पत्रकार ने बुधवार को देश के राष्ट्रपति को पत्र भेजकर परिवार संग स्वतंत्रता दिवस पर इच्छामृत्यु की मांग की है। पत्रकार का कहना है कि जिले के भ्रष्ट नेता एवं भू-माफिया कानून का खुला दुरुपयोग कर फर्जी मुकदमों से उसका और उसके परिजनों का जीवन तबाह कर दिया है। अपनी बेगुनाही के तमाम सबूत लेकर शासन-प्रशासन से गुहार लगाने के बाद भी उसे न्याय नहीं मिल रहा है।

जनपद के रहने वाले पत्रकार हरिश्याम बाजपेयी ने राष्ट्रपति को भेजे गए पत्र में कहा है कि वो एक पत्रिका के सम्पादक है। उनकी निष्पक्ष खबरों से रंजिश मानकर जिले के भ्रष्ट नेता एवं माफिया द्वेष भावनावश उनका नुकसान पहुंचाने के लिए षड्यंत्र रचते रहते हैं।

विगत 05 जून को अकारण ही पुलिसकर्मियों की मदद से उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पत्रकार से बदसलूकी देख अन्य पत्रकार जब थाने पहुंचे तो उन्हें रिहा कर दिया गया। गिरफ्तार किए जाने का कारण नहीं बताया। सात जून को थाना कोतवाली शहर में उनके विरुद्ध दलित उत्पीड़न व दुष्कर्म आदि की गंभीर धाराओं में पूर्णतया फर्जी व निराधार मुकदमा दर्ज करा दिया गया। जबकि उन्होंने कथित पीड़िता को पूर्व में न कभी देखा है और न ही कभी मिला है।

पीड़ित पत्रकार का कहना है कि उन्हें अपनी बेगुनाही के तमाम सबूत देने के बाद भी जिले के एसपी राजेश द्विवेदी भ्रष्ट नेता के भारी दबाव में हैं, जिस कारण स्थानीय पुलिस निष्पक्ष विवेचना के बजाए साक्ष्यों को नजरंदाज कर रही है। पुलिस मेरे विरुद्ध एकतरफा कार्यवाही कर रही है। उसके अस्थाई और मूल निवास पर कुर्की की नोटिस लगाकर परिजनों का उत्पीड़न किया जा रहा है।

लगातार हो रहे उत्पीड़न से तंग आकर पीड़ित पत्रकार ने राष्ट्रपति को पत्र के माध्यम से अवगत कराया है कि उनकी पत्नी और पांच साल का बेटा आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। पुलिस के डर से वे घर से दूर हैं, बेटे की पढ़ाई बाधित है। जिला व पुलिस प्रशासन के अधिकारियों प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग करते करते थक हार चुका हूं। सरकारी सिस्टम की अनदेखी एवं शिथिलता के कारण उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है, इसलिए वे परिवार संग अपनी जान देना चाहत है, राष्ट्रपति से यह मेरी आग्रह है कि मेरे पत्र को स्वीकार कर स्वतंत्रता दिवस के दिन इच्छामृत्यु की अनुमति प्रदान करें।

अम्बरीष/दीपक

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