-परियोजना के संचालन-क्रियान्वयन के प्रस्ताव को कैबिनेट ने दी मंजूरी
लखनऊ (हि.स.)। मंत्रिपरिषद ने विश्व बैंक सहायतित उप्र प्रो-पुअर पर्यटन विकास परियोजना के सुचारू संचालन एवं क्रियान्वयन के लिए प्रस्तुत प्रस्ताव को हरी झंडी ने दी है। मंत्रिपरिषद ने परियोजना में आगे के संशोधन के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है।
उप्र प्रो-पुअर पर्यटन विकास परियोजना कुल 57.14 मिलियन यूएस डाॅलर (371.43 करोड़ रुपये) से संचालित की जाएगी, जिसमें 70 प्रतिशत विश्व बैंक द्वारा एवं 30 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
आगरा एवं मथुरा के कार्याें (कुल 167 करोड़ रुपये) के स्थान पर सारनाथ एवं कुशीनगर में नये कार्याें को कराया जाएगा। सारनाथ के कार्याें को वाराणसी विकास प्राधिकरण द्वारा तथा कुशीनगर के कार्यों को गोरखपुर विकास प्राधिकरण द्वारा कराये जाने के लिए उन्हें कार्यदायी संस्था नामित किया गया है।
परियोजना के क्रियान्वयन से प्रस्तावित कार्य स्थलों पर पर्यटक सुविधाओं का विकास होगा तथा पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा एवं रोजगार के अवसर सृजित होंगे। साथ ही, स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और स्थानीय विकास भी होगा।
पर्यटन विकास के माध्यम से उत्तर प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर स्थानीय रोजगार में वृद्धि करके स्थानीय लोगों के आर्थिक उन्नयन में सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा विश्व बैंक की सहायता से ‘उप्र प्रो-पुअर पर्यटन विकास परियोजना’ संचालित की जा रही है।
