02 लाख 04 हजार 28 बिलों के सापेक्ष 25.68 करोड़ की हुई वसूली
लखनऊ (हि.स.)। महिलाओं को सशक्त करने के लिए संचालित योगी सरकार की मिशन रोजगार व मिशन शक्ति योजना ने उत्तर प्रदेश में रोजगार के बंपर अवसर प्रदान किये हैं। यहां गांव-गांव में महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी हो रही हैं। यह दावा उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के एमडी भानु चंद्र गोस्वामी ने की है।
सोमवार को उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में स्वयं सहायता समूह के माध्यम से ही उपभोक्ताओं के बिजली बिलों के भुगतान की व्यवस्था लागू की गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को रोजगार भी उपलब्ध हो रहा है और लोगों को बिजली बिल जमा करने में भी सुविधा मिल रही है। समूह की महिलाओं के प्रयास से वर्षों के बकाये बिलों का भी भुगतान चुटकी में हुआ है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश में पहली बार स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं बिजली सखी के रूप में मीटर रीडिंग ले रही हैं और बकाया बिजली बिल जमा करा रही हैं। समूहों की महिलाओं को कमीशन के रूप में 58 लाख आय हुई है।
श्री गोस्वामी ने बताया कि बिजली विभाग में समूहों की 8600 महिलाओं का पंजीकरण हुआ है। इसमें 2859 महिलाओं ने 02 लाख 04 हजार 028 बिजली बिलों के सापेक्ष 25.68 करोड़ की वसूली की है। हर बिल पर समूह सदस्य को 20 रुपये और 02 हजार से अधिक का बिल होने पर एक फीसदी कमीशन के रूप में दिया जाता है।
जल्द ही और महिलाओं को मिशन से जोड़ा जाएगा
उन्होंने बताया कि आजीविका मिशन के तहत बिजली विभाग की ओर से समूहों की महिलाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। अभी तक 03 लाख 39 हजार 275 समूहों की 2859 महिलाएं एक्टिव मोड में कार्य कर रही हैं। अन्य महिलाओं को जल्द ही प्रशिक्षण के बाद मिशन से जोड़ा जाएगा।
पश्चिमी यूपी में सबसे ज्यादा बिजली सखी कर रहीं कार्य
उन्होंने बताया कि बिजली विभाग ने प्रदेश को चार क्षेत्रों में बांटा है। सबसे ज्यादा स्वयं सहायता समूह की 898 महिलाएं पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड में बिजली सखी के रूप में कार्य कर रही हैं। वहीं, पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड में 812, दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड में 692 और मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड में 457 स्वयं सहायता समूह की महिलाएं हैं।
