Sunday, April 12, 2026
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उप्र में संरक्षित स्मारकों पर शूटिंग के लिए देना होगा शुल्क

मेरठ (हि.स.)। उत्तर राज्य पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित पुरास्थलों और स्मारकों पर शूटिंग करने के लिए अब शुल्क देना होगा। प्रदेश सरकार ने शुल्क जमा करने के बाद अनुमति के लिए निदेशक उप्र राज्य पुरातत्व विभाग को अधिकृत किया है।

हिन्दी और दूसरी भाषाओं में बनने वाली फीचर फिल्मों, धारावाहिकों और अन्य कार्यक्रमों की शूटिंग संरक्षित पुरातात्विक स्थलों और स्मारकों पर होती है। उप्र में ऐसे स्मारकों की भरमार है। अब इन स्थलों और स्मारकों पर शूटिंग करना आसान नहीं होगा। प्रदेश सरकार ने निर्धारित शुल्क जमा करने के बाद ही शूटिंग की अनुमति देने का निर्णय लिया है।

जिलाधिकारी के. बालाजी ने बताया कि प्रदेश में अब उप्र राज्य पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित पुरास्थलों और स्मारकों पर शूटिंग करने के लिए निर्धारित शुल्क के अनुसार सशर्त अनुमति देने के लिए निदेशक उप्र राज्य पुरातत्व विभाग को अधिकृत किया है। उप्र सरकार ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा 31 जुलाई 2015 को शुल्क निर्धारण करने के लिए जारी अधिसूचना को स्वीकार कर लिया है। इस अधिसूचना के मुताबिक ही शूटिंग करने के लिए शुल्क लिया जाएगा। इसके बाद ही संरक्षित पुरास्थलों और स्मारकों में शूटिंग हो सकेगी।

बताया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा निर्धारित शर्तों एवं नियमों के अधीन संरक्षित स्मारकों में फिल्म फिल्म बनाने के लिए 10 हजार रुपए प्रत्यर्पणीय सुरक्षा जमा सहित 50 हजार प्रतिदिन शुल्क देना होगा।

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