Thursday, March 26, 2026
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उप्र में माइक्रोबायोलाजिस्ट की नियुक्ति मामले में तलब किये गये आयुक्त

लखनऊ(हि.स.)। उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति ऋतुराज और न्यायमूर्ति अब्दुल मुईन की पीठ ने उत्तर प्रदेश में माइक्रोबायोलाजिस्ट की नियुक्ति के संबंध में डाली गयी याचिका पर उप्र खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त को तलब किया है। उच्च न्यायालय लखनऊ ने आयुक्त को नौ सितम्बर की तिथि पर उपस्थित रहने के आदेश दिये हैं।

याचिकाकर्ता का पक्ष रखने वाले अधिवक्ता बीके सिंह ने कहा कि उप्र खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन सिर्फ होली, दीपावली जैसे पर्व तक ही सीमित रह गया है। ताजा और स्वस्थ्य खाद्य पदार्थो के लिए बने अधिनियम का उपयोग होटल, रेस्टूरेंट और मिठाई की दुकानों तक ही हो रहा है।

खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 को केन्द्र सरकार ने लागू किया है। 05 अगस्त 2011 को लागू हुए अधिनियम के तहत उत्तर प्रदेश में माइक्रोबायोलाजिकल लैब होनी चाहिए। किंतु प्रदेश में ऐसी लैब नहीं है और ना ही आजतक कोई माइक्रोबायोलाजिस्ट ही नियुक्त हुआ है।

रोजमर्रा की जरुरत की वस्तुएं दूध, खाद्य तेल, फल, सब्जी इत्यादि के लिए माइक्रोबायोलाजिकल लैब की आवश्यकता है। जिससे गुणवक्ता में बढ़ोत्तरी होगी तो दाम में कमी आयेगी। खाद्य सामग्री हमारी रोज की जरुरत की वस्तु है।

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