Wednesday, January 14, 2026
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उप्र में भारत के ग्रोथ इंजन बनने की क्षमता का प्रमाण है पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे: योगी आदित्यनाथ

सुल्तानपुर (हि. स.)। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे उद्घाटन के एक दिन पहले सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एयर-शो एवं जनसभा स्थल का हवाई निरीक्षण करने के बाद कहा कि उत्तर प्रदेश में भारत के ग्रोथ इंजन बनने की क्षमता का यह प्रमाण है।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पूरे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहलाने वाला पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को कल प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। आठ करोड़ जनमानस एवं पूर्वांचल के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक्सप्रेस-वे की बहुत बड़ी भूमिका होगी।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री की जो रुचि रही है, हम सब उसके आभारी हैं। 2018 में प्रधानमंत्री ने इसका शिलान्यास किया था। आज नम्बर माह में इसका उद्घाटन हो रहा है। यह अद्भुत क्षण है। डबल इंजन की सरकार कैसे काम करती है। उसका एक प्रमाण भी होगा।

– 341 किमी लम्बा एक्सप्रेस-वे 36 महीने में बनकर तैयार

उन्होंने आगे कहा कि कोरोना महामारी के काल-खंड के बावजूद 19 महीने में 341 किलोमीटर एक्सप्रेस-वे 36 महीने में बनकर तैयार हो गया। प्रदेश की राजधानी को पूर्वी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस पृथ्वी की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। योगी ने कहा कि 9 जनपदों को जोड़ने वाला पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे बिहार के लिए भी महत्वपूर्ण है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी योजना पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 16 नवंबर को दोपहर में करेंगे और एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इसके बाद वायु सेना के 30 एयरक्राफ्ट की ओर से 45 मिनट के एयर-शो का प्रदर्शन होगा। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की भव्य तैयारी की गई है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के हरक्युलिस विमान से लैंड करने की संभावना जताई जा रही है ।

21 हजार करोड़ रुपये में तैयार हुआ एक्सप्रेस-वे

बताया कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे देश की धरोहर होगा। साथ ही प्रदेश के आर्थिक ढांचे की रीढ़ की हड्डी साबित होगा। इसके दोनों तरफ औद्योगिक गलियारे बनाए जाएंगे, जहां मशीनरी फूड प्रोसेसिंग और मिल्क डेयरी के विकास क्षेत्र में बड़े स्तर पर रोजगार बढ़ेगा। यहां से लोगों का पलायन रुकेगा।

एक्सप्रेस-वे के निर्माण पर अब तक 21 हजार करोड़ रुपए से अधिक का खर्च हो चुका है। इससे बिहार और झारखंड के लोगों को भी लाभ मिलेगा। एक्सप्रेस-वे से गाजीपुर आंबेडकर नगर, मऊ, आजमगढ़, सुल्तानपुर से दिल्ली का रास्ता कम होगा और पर्यटन का व्यवसाय भी बढ़ेगा।

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