Saturday, March 7, 2026
Homeउत्तर प्रदेशउप्र में कोई भी अपराधी स्वच्छंद नहीं, या तो जेल में है...

उप्र में कोई भी अपराधी स्वच्छंद नहीं, या तो जेल में है या फिर मारा गया : मुख्यमंत्री

लखनऊ(हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में कानून का राज बनाये रखने में प्रदेश पुलिस के योगदान की सराहना की है। उन्होंने कहा है कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति और पुलिस की सक्रियता का परिणाम है कि आज प्रदेश में संगठित अपराध समाप्त हो गया है। ऐसे अपराधी या तो जेल में बंद हैं अथवा पुलिस की कार्रवाई के दौरान मारे गए। प्रदेश में महिलाएं- बालिकाएं, कमजोर वर्ग और व्यापारी आज सुकून से हैं। हर पर्व-त्योहार शांति और सौहार्द्र के बीच सम्पन्न हो रहा है। समाज में समरसता है।

पुलिस स्मृति दिवस के मौके पर पुलिस के वीर जवानों के साहस, शौर्य और बलिदान को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों को अब तक मिल रहे दो सौ रुपये मोटरसाइकल भत्ता को बढ़ाकर पांच सौ रुपये करने की घोषणा की, साथ ही पुलिस विभाग को भी ई-पेंशन पोर्टल की सेवाओं का उपहार दिया। दीपावली से ठीक पहले पुलिस के जवानों के बीच मौजूद मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों की सहूलियत को देखते हुए पांच लाख रुपये से अधिक के चिकित्सा खर्च प्रतिपूर्ति की स्वीकृति पुलिस महानिदेशक स्तर से होने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि अभी तक इसके लिए शासन स्तर पर कार्यवाही होती थी, जिससे अनावश्यक विलम्ब होता था, अब ऐसा नहीं होगा।

शहीद जवानों के परिजनों की हर जरूरी मदद करेगी सरकार

रिजर्व पुलिस लाइन, लखनऊ में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ‘श्रीमद्भगवद्गीता में वर्णित “हतो वा प्राप्स्यसि स्वर्गं जित्वा वा भोक्ष्यसे महीम्।” के महान संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे वीर जवानों ने गीता से महान प्रेरणा लेते हुए देश और प्रदेश की बाह्य एवं आंतरिक सुरक्षा सुदृढ़ रखने के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। आज का दिन उनके इसी निष्ठा के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का है। उन्होंने कहा कि 2021-22 में उत्तर प्रदेश के 07 जांबाज पुलिसकर्मी कर्तव्य की वेदी पर शहीद हो गए। शहीदों को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने शहीद पुलिसकमियों के आश्रितों को आश्वस्त किया कि सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ उनकी हर संभव मदद करेगी।

उन्होंने कहा कि हमारे पुलिस बल ने विपरीत परिस्थितियों ने भी अपना काम जारी रखा है। कोरोना के बीच अभूतपूर्व परिश्रम कर जहां एक पर नियमों का पालन किया, वहीं मानवता की मिसाल भी पेश की। कोरोना पॉजिटिव भी हुए लेकिन सेवापथ नहीं छोड़ा। इस दौरान 45 पुलिसकर्मियों का देहांत भी हुआ, जिनके परिजनों को नियमानुसार नौकरी एवं 22 करोड़ 50 लाख रुपये का भुगतान भी किया गया। यही नहीं, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, भारतीय सेना आदि में सेवारत उत्तर प्रदेश मूल के शहीद 581 जवानों के आश्रितों को 141.9 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी गई।

मुठभेड़ में मारे गए 166 दुर्दांत अपराधी

उत्तर प्रदेश में बेहतर कानून-व्यवस्था के लिए पुलिस की कोशिशों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा किअपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए अब तक 44 अरब 59 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त अथवा ध्वस्त की गई है। यहां अब बेटियों के लिए स्कूल अथवा गरीबों के लिए घर बन रहे हैं। 30 मार्च 2017 से 13 अक्टूबर 2022 तक प्रदेशभर में 166 दुर्दांत अपराधी मारे गए, जबकि 4453 घायल हुए। 58,648 पर गैंगस्टर की कार्रवाई हुई और 807 पर एनएसए के तहत कार्रवाई की गई। 50 कुख्यात माफिया और उनके सदस्यों की लगभग 2268 रुपये करोड़ की संपत्ति जब्त अथवा ध्वस्त की गई। इसमें 01 माफिया एवं उसके 08 साथी मुठभेड़ में मारे भी गए। 39 को आजीवन कारावास की सजा हुई है तो प्रभावी अभियोजन करते हुए 02 को फांसी की सजा दिलाई गई। इसी अवधि में हमारे 13 जवान शहीद भी हुए।

दीपक

RELATED ARTICLES

Most Popular