Friday, April 10, 2026
Homeउत्तर प्रदेशउप्र: बंगाली समुदाय के मतदाताओं को जोड़ेगी टीएमसी

उप्र: बंगाली समुदाय के मतदाताओं को जोड़ेगी टीएमसी

लखनऊर(हि.स.)। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ को विधानसभा चुनाव-2022 में पटखनी देने के लिए तृणमूल कांग्रेस(टीएमसी) भी पूरी ताकत लगाने के मूड में है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहले चरण में पार्टी के पदाधिकारियों को बंगाली समाज के लोगों को जोड़ने की अपील की हैं।

तृणमूल कांग्रेस का उत्तर प्रदेश में कोई जनाधार नहीं है। फिर भी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री अपनी पार्टी का जनाधार बढ़ाने और भाजपा को हराने के उद्देश्य से यूपी में सक्रिय होने जा रही हैं। नवम्बर माह के अंतिम सप्ताह तक मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का यूपी का कार्यक्रम तय किया जा रहा है।

बंगाली समुदाय के मतदाता को प्रभावित करने और भाजपा को हराने की योजना में टीएमसी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने पांच महानगरों लखनऊ के लालबाग, कानपुर के लाल बंग्ला, वाराणसी के बंगाली टोला, प्रयागराज के कर्नलगंज एवं एलनगंज और गोरखपुर के गोरखनाथ मोहल्लों में जाकर सम्पर्क कर रहे हैं।

टीएमसी पदाधिकारियों की मानें तो प्रयागराज में बसपा के कई नेताओं को अपने साथ जोड़ा है। वाराणसी से आने वाले पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय कमलापति त्रिपाठी के पौत्र ललितेशपति को भी सदस्यता दिला दी है। कांग्रेस से नाराज विधायक ललितेशपति ने टीएमसी की सदस्यता लेने के बाद मिर्जापुर जिले और वाराणसी में जनसम्पर्क बढ़ा दिया है।

गोरखपुर में बंगाली समुदाय में भाजपा की बड़ी पैठ है। पिछले चुनाव में बंगाली मतदाताओं ने बढ़चढ़ कर भाजपा को मत दिया था। इस बार उनके बीच टीएमसी अपनी पैठ में जुटी हुई है। पार्टी की ओर से युवा चेहरों को टीएमसी का सदस्य बनाकर उन्हें पदाधिकारी बनाया जा रहा है।

पार्टी पदाधिकारियों की मानें तो ‘टीएमसी का यूपी में समाजवादी पार्टी या कांग्रेस के साथ गठबंधन से इन्कार नहीं किया जा सकता है। समाजवादी पार्टी ने पहले से टीएमसी से गठबंधन का आमंत्रण दे रखा है। वहीं कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वयं सम्पर्क में बनी हुई है।’

RELATED ARTICLES

Most Popular