Sunday, March 15, 2026
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उप्र: नव वर्ष के प्रथम दिन मन्दिरों में भीड़, कोरोना संक्रमण से मुक्ति व खुशहाली की प्रार्थना

लखनऊ (हि.स.)। अंग्रेजी कैलेंडर के नए साल-2021 के पहले प्रदेश के सभी जनपदों के मन्दिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। लोगों ने पूजा-अर्चना कर कोरोना संक्रमण के खत्म होने के साथ सुख समृद्धि की कामना की। बच्चों ने परिवार के बड़ों का आशीर्वाद लिया। 2021 की नूतन बेला का आरम्भ होते ही कड़ाके की ठंड के बावजूद मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ी। 

लखनऊ के प्राचीन मन्दिर मनकामेश्वर, पुराना हनुमान मन्दिर, बुद्धेश्वर मन्दिर में भक्त सुबह से ही भगवान के दर्शन करने पहुंचे। इसके अलावा रामनगरी अयोध्या में भी श्रद्धालुओं ने नए साल के पहले दिन रामलला का आशीर्वाद लिया। हनुमानगढ़ी में भी पहुंचकर भक्तों ने शीष नवाया। प्रयागराज में नए साल के अवसर पर लोगों ने गंगा नदी में स्नान कर प्रार्थना की। 
इसी तरह वाराणसी में श्रद्धालुओं ने काशीविश्वनाथ और काल भैरव के दर्शन कर उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। नए साल के अवसर पर वाराणसी के अस्सी घाट पर गंगा आरती के दौरान भी श्रद्धालुओं में बेहद उत्साह नजर आया। गोरखपुर के गोरक्षनाथ मन्दिर, बलरामपुर में पाटनदेवी मन्दिर, मथुरा-वृद्धावन सहित अन्य सभी  जनपदों में प्रमुख मन्दिरों में श्रद्धालु सुबह से ही पहुंचना शुरू हो गए। कानपुर में परमट का आनंदेश्वर मन्दिर, तपेश्वरी मन्दिर सिद्धनाथ मन्दिर सहित अन्य देवालयों में भक्तों ने प्रार्थना की।आम दिनों की अपेक्षा नव वर्ष के प्रारम्भ पर मन्दिरों में अधिक श्रद्धालु पहुंचे और पूजा अर्चना कर कोरोना संक्रमण से मुक्ति व परिवार की खुशहाली की कामना की।
कानपुर के तपेस्वरी मन्दिर में दर्शन करने आई महिला भक्त ने कहा कि वर्ष 2020 लोगों के लिये ज्यादा अच्छा नहीं गया है। लेकिन मातारानी से यही कामना करते हैं कि आने वाला वर्ष 2021 सभी के लिये मंगलमय हो और बहुत सारी खुशियां लेकर आये। मन्दिरों में पूजापाठ के बाद सभी ने अपने परिवार व ईष्ट मित्रों व रिश्तेदारों की खुशहाली के साथ स्वस्थ व निरोग रखने की प्रार्थना की और छोटो ने बड़ों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। वहीं सुबह की शुरुआत के साथ गली-मोहल्ले व अपने मित्रों व रिश्तेदारों को लोगों को हैप्पी न्यू ईयर बोलकर शुभकामनाएं दीं। सोशल मीडिया पर भी बधाई के सन्देश दिए गए। रात बाहर बजे से बधाई देने का शुरू हुआ सिलसिला सुबह तक जारी रहा।         

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