लखनऊ(हि.स.)। निर्वाचन आयोग के लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के चुनाव चिह्न के फ्रीज किये जाने का उत्तर प्रदेश में व्यापक असर है। लोजपा के दोनों गुटों की ओर से 05 अक्टूबर को अपने चिह्न की मांग की जायेगी। इसके बाद यूपी में लोजपा के दोनों ही गुट नये रंग और नये ढंग के साथ वापस लौटेंगे।
लोक जनशक्ति पार्टी के चिराग गुट के यूपी अध्यक्ष मणिशंकर पांडेय ने कहा कि निर्वाचन आयोग के लोजपा के चुनाव चिह्न बंग्ला के फ्रीज किये जाने से थोड़ा असहजता हुई है। वर्तमान समय में पार्टी नेतृत्व नये चुनाव चिह्न को लेकर विचार मंथन कर रही है। जो बेहतर चुनाव चिह्न होगा, उसके साथ हम पुन: उत्तर प्रदेश के मैदान में आयेंगे।
उन्होंने कहा कि वर्तमान परिदृश्य में लोजपा के बीच मची खींचतान के बाद निर्वाचन आयोग का निर्णय सही कदम ही है। जो गुट अपना चुनाव चिह्न ले लेगा और उस पर चुनाव मैदान में आयेगा तो उससे उसकी क्षमता का भी पता चलेगा।
लोजपा के पशुपति पारस गुट के यूपी प्रवक्ता जाय बनर्जी ने कहा कि पार्टी का केन्द्रीय नेतृत्व पांच अक्टूबर को चुनाव आयोग में अपना दावा पेश करेगा। उसके बाद नया सिम्बल मिलेगा। इसके बाद ही उत्तर प्रदेश में चुनाव में नये रंग और नये ढंग के साथ वापस आयेंगे। हम एनडीए के साथ हैं, उत्तर प्रदेश में 20 सीट मांगी है।
