आगरा (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के आगरा शहर के चार प्रमुख जूता कारोबारियों के यहां पिछले चार दिनों से चल रहे आयकर विभाग के छापे में बहुत से राज सामने आ रहे हैं। निवेश से संबंधित कागजात जूता कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं। अभी तक की कार्रवाई में मिले कागजात से आय और निवेश में तालमेल न बैठना बहुत बड़ा शक पैदा कर रहा है।
आगरा के प्रमुख जूता कारोबारियों- हरसिमरन अलघ उर्फ मनु अलघ, विजय आहूजा, मानसी चंद्रा और राजेश सहगल के यहां पिछले चार दिनों से आयकर विभाग की कार्रवाई चल रही है। इस छापेमारी में आयकर विभाग के सामने कई बड़ी बातें सामने आ रहीं हैं। अभी तक हुई जांच में चारों कारोबारियों द्वारा अधिकारियों के सामने जो रिटर्न जमा किये गए थे, उसमें आय बहुत काम दिखाई गयी थी, लेकिन निवेश काफी अधिक दिखाया गया है। अब अधिकारी यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि अगर आय इतनी कम है तो संपत्ति में निवेश आय से अधिक कैसे दिखाया जा रहा है। कारोबारियों ने मुनाफा भी बहुत कम दिखाया है। सूत्रों ने बताया कि चारों कारोबारियों ने आयकर विभाग से दोबारा काम शुरू करने देने की इजाजत मांगी है। इस कार्रवाई के आज शाम तक पूरा होने की उम्मीद है।
श्रीकांत
