-प्रशिक्षण में 24 चीनी मिलों के 100 से अधिक कर्मी लेंगे भाग
कानपुर(हि.स.)। उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी संघ लिमिटेड प्रदेश की अपनी 24 चीनी मिलों के तकनीकी स्टाफ की दक्षता बढ़ाने के लिए कानपुर के राष्ट्रीय शर्करा संस्थान का सहयोग लेगा। इसके लिए अल्पावधि प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इस सन्दर्भ में एक बैठक हुई, जिसमें चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय भूसरेड्डी, प्रबन्ध निदेशक उप्र सहकारी चीनी संघ लिमिटेड रमाकांत पांडेय और राष्ट्रीय शर्करा संस्थान के निदेशक नरेन्द्र मोहन मौजूद रहे। इसमें लिये गये निर्णय के अनुसार संस्थान द्वारा विभिन्न श्रेणियों के तकनीकी स्टाफ के लिए अल्पावधि के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का प्रस्ताव संघ को भेजा गया था, जिसकी सैद्धांतिक सहमति संस्थान को प्राप्त हो गयी है।
नरेन्द्र मोहन ने बताया कि उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल लिमिटेड अपनी चीनी मिलों की दक्षता बढ़ाने, उनका आधुनिकीकरण करने एवं चीनी मिलों के साथ पावर जनरेशन एवं एथेनॉल इकाइयां लगाने के लिए प्रयत्नशील है। इसके लिए आवश्यक है कि संघ की चीनी मिलों में कार्यरत तकनीकी स्टाफ के ज्ञान का स्तर बढ़ाया जाये एवं उनको वर्तमान में प्रचलित चीनी, बिजली एवं एल्कोहॉल के उत्पादन की नवीनतम तकनीकों की जानकारी के साथ-साथ नवीनतम मशीनरी के बारे में जानकारी दी जाये। साथ ही उनको गुणवत्ता नियंत्रण, ऑटोमेशन, केमिकल कन्ट्रोल एवं सह-उत्पादों के बेहतर उपयोग के बारे में विशिष्ट जानकारी भी प्रदान की जाए।
बताया कि इसको देखते हुए संस्थान 23 जून से 01 जुलाई 2022 तक छह विशिष्ट प्रशिक्षण कार्यक्रमों को संस्थान में आयोजित करेगा, जिसमें उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ लिमिटेड के लगभग 100 से अधिक तकनीकी कर्मी भाग लेंगे। प्रतिभागियों को सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक ज्ञान के अतिरिक्त संस्थान की प्रायोगिक चीनी मिल एवं एथेनॉल यूनिट में भी व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बारे में आचार्य शर्करा अभियान्त्रिकी के नोडल अधिकारी डॉक्टर स्वेन ने बताया कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम संघ की चीनी मिलों की क्षमता बढ़ाने एवं सह-उत्पादों का बेहतर प्रयोग करने में सहायक होंगे।
मोहित
