-राज्य सरकार के प्रस्ताव को केन्द्र ने दी मंजूरी
-प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत मजबूत होगा उप्र की ग्रामीण सड़कों का संजाल
-कुल 4225.27 करोड़ के बजट में से 2534.81 करोड़ देगा केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय, 1690 करोड़ होगा राज्य का हिस्सा
लखनऊ (हि.स.)। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत उत्तर प्रदेश की ग्रामीण सड़कों के नेटवर्क को मजबूत करने के लिए केन्द्र सरकार ने राज्य को नये साल का बड़ा तोहफा दिया है। प्रदेश में 6352.97 किलोमीटर सड़क बनाने के लिए राज्य सरकार के प्रस्ताव को केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है।
प्रदेश सरकार में ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने मंगलवार को यहां बताया कि राज्य सरकार ने पीएमजीएसवाई के तीसरे चरण के बैच-एक के लिए प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में 6352.97 किलोमीटर का नेटवर्क मजबूत करने का प्रस्ताव भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय को भेजा था। मंत्रालय ने सारी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद राज्य सरकार के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है।
श्री सिंह ने बताया कि 6352.97 किलोमीटर सड़कों की इस परियोजना के लिए केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 4225.27 करोड़ रुपये के बजट का अनुमोदन किया है। उन्होंने बताया कि इस बजट में से 2534.81 करोड़ रुपये की धनराशि केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय प्रदान करेगा, जबकि राज्य का अंश 1690.46 करोड़ रुपये होगा। अपर मुख्य सचिव ने इस परियोजना की मंजूरी को प्रदेश के विकास के लिए बड़ी उपलब्धि माना है। उनका मानना है कि इससे उप्र की ग्रामीण सड़कों का नेटवर्क काफी मजबूत हो जाएगा और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा में बढ़ोत्तरी होगी।
श्री सिंह ने बताया कि पीएमजीएसवाई के तीसरे चरण के अंन्तर्गत 2430.12 किलोमीटर लंबाई की 300 सड़कें ‘फुल डेप्थ रिक्लेमेशन’ (एफडीआर) तकनीक से बनवाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि एफडीआर तकनीक से बनने वाली सड़कें मजबूत होती हैं। साथ ही उनकी उम्र भी बढ़ जाती है। इस नई तकनीक में सड़क में पहले से प्रयुक्त हुई गिट्टी आदि को फिर से प्रयोग में लाया जाता है। इससे लागत कम हो जाती है और समय भी बचता है। उन्होंने बताया कि नई तकनीक से 2430.12 किलोमीटर की सड़कों के लिए 3063.12 करोड़ रुपये की लागत आयेगी और यह धनराशि स्वीकृत हो चुकी है।
अपर मुख्य सचिव ने आगे बताया कि पूर्व में वर्ष 2000 से 2013 के बीच पीएमजीएसवाई के प्रथम चरण में प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में 12946.24 करोड़ रुपये की लागत से 49315.91 किलोमीटर सड़कें बनवाई गईं। इसके बाद वर्ष 2014 से 2019 के मध्य पीएमजीएसवाई के द्वितीय चरण में 3952.85 करोड़ रुपये की लागत से कुल 7508.67 किलोमीटर लंबाई की सड़कों का निर्माण हुआ। इस तरह इस वर्ष की परियोजना बजट और सड़कों की लंबाई दोनों में अब तक की सबसे बड़ी है।
उन्होंने बताया कि इस परियोजना के क्रियांवयन के लिए उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण को नोडल एजेंसी बनाया गया है। सड़कों के निर्माण हेतु नई तकनीक के लिए राज्य ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण और एनआरआईडीए के बीच करार भी होगा।
उप्र को नये साल का बड़ा तोहफा, 4,225 करोड़ से बनेगी 6,352 किमी ग्रामीण सड़कें
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