Friday, January 16, 2026
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उप्र के मुख्य सचिव ने बड़ी परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने के दिए निर्देश

– मुख्य सचिव की अध्यक्षता में प्रोजेक्ट माॅनीटरिंग ग्रुप की बैठक आयोजित

लखनऊ (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने राज्य में विभिन्न परियोजनाओं के चल रहे निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में मंगलवार को प्रोजेक्ट माॅनीटरिंग ग्रुप की बैठक आयोजित की गई, जिसमें ट्रांसगंगा सिटी-उन्नाव, सरस्वती हाईटेक सिटी-प्रयागराज, प्लास्टिक सिटी-दिबियापुर, अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल काॅरिडोर परियोजना की समीक्षा की गई। 
ट्रांसगंगा सिटी-उन्नाव की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव को बताया गया कि परियोजना के फेज-1 एवं फेज-2 सिविल वर्क का कार्य 31 मार्च को पूर्ण हो चुका है तथा इलेक्ट्रिकल वर्क 31 जुलाई तक पूर्ण कर लिया जाएगा। सरस्वती हाईटेक सिटी-प्रयागराज के बारे में उन्हें अवगत कराया गया कि इस परियोजना के फेज-1 एवं फेज-2 का भी सिविल वर्क 31 मार्च को पूर्ण हो चुका है तथा इलेक्ट्रिकल वर्क 31 जुलाई तक पूरा हो जाएगा।  
प्लास्टिक सिटी दिबियापुर-औरैया के सम्बंध में मुख्य सचिव को जानकारी दी गई कि दिबियापुर में पुलिस चौकी अनुरक्षण कार्य पूरा हो चुका है। शासन स्तर से पुलिसकर्मियों की तैनाती के आदेश निर्गत कर दिये गये हैं। गेल के साथ रियायती दरों पर कच्चा माल, गैस सप्लाई एवं आवंटियों को मार्गदर्शन करने हेतु एमओयू 31 मार्च को हस्ताक्षरित की गई है। 
इसके अलावा निर्बाध विद्युत आपूर्ति की उपलब्धता हेतु प्रबन्ध निदेशक, डीवीएनएल, आगरा से पुनः अनुरोध किया गया है। 14 एवं 15 फरवरी को जिला प्रशासन के सहयोग से आवंटियों को कब्जा हस्तान्तरण की कार्यवाही सम्पन्न हो चुकी है। 20 पट्टा धारकों में से 06 ने कब्जा प्राप्त कर लिया एवं एक आवंटी द्वारा निर्माण कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है। शासन के निर्देशानुसार 65 एकड़ भूमि प्लास्टिक सिटी हेतु आरक्षित रखते हुये शेष को सामान्य उद्योगों हेतु आवंटन का निर्णय लिया गया है। 
वहीं अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल काॅरिडोर की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव को बताया गया कि परियोजना के अन्तर्गत इन्टीग्रेटेड मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर (आईएमसी) के विकास हेतु पूर्व में जनपद कानपुर देहात के ग्राम भाऊपुर चिन्हित की गई थी, परन्तु किसानों द्वारा अत्यधिक भूमि के मुआवजे की मांग किये जाने के कारण इस क्षेत्र में आईएमसी के निर्माण के प्रस्ताव को रद्द कर दिया गया है। 
अधिकारियों ने मुख्य सचिव को आगे बताया कि वर्तमान में परियोजना के अन्तर्गत आईएमसी के विकास हेतु प्राधिकरण की जनपद प्रयागराज में 1,141 एकड़ एवं आगरा की 1,064 एकड़ भूमि चिन्हित कर प्रस्तावित की गयी। उक्त परियोजना के अन्तर्गत आईएमसी के विकास हेतु इन दोनों जनपदों का प्रस्ताव इसी वर्ष 20 जनवरी को मुख्यमंत्री से अनुमोदित कराकर शासन द्वारा एनआईसीडीसी तथा सचिव डीपीआईआईटी भारत सरकार को प्रेषित किया जा चुका है। 
बैठक के दौरान यह भी अवगत कराया गया कि परियोजना के अन्तर्गत एसपीवी का गठन भारत सरकार से प्रस्ताव अनुमोदित अथवा चयनित होने के उपरान्त किया जायेगा।
जनपद आगरा की भूमि के सम्बन्ध में जिलाधिकारी आगरा द्वारा अवगत कराया गया है कि चिन्हित भूमि का कब्जा प्राप्त कर लिया गया है तथा 50 प्रतिशत पक्की चारदिवारी का निर्माण किया जा चुका है। 27 मई, 2021 से उक्त भूमि पर खेतों की मेड़ी आदि तोड़ कर भौतिक कब्जा लेने की कार्यवाही जारी है। 
मुख्य कार्यपालक अधिकारी एनआईसीडीसी के द्वारा थीम पार्क परियोजना, जनपद-आगरा एवं सरस्वती हाईटेक सिटी परियोजना जनपद-प्रयागराज को आईएमसी के रूप में विकसित करने की सैद्धान्तिक सहमति प्रदान की गयी है और मुख्य कार्यपालक अधिकारी, एनआईसीडीसी द्वारा कन्सलटेन्ट का चयन करते हुए उक्त विषय में अग्रेतर कार्यवाही किया जाना प्रस्तावित है। 
समीक्षा बैठक में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त संजीव मित्तल, अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास अरविन्द कुमार, प्रमुख सचिव नियोजन आमोद कुमार सहित सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 

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