Wednesday, February 11, 2026
Homeउत्तर प्रदेशउप्र के परंपरागत उत्पादों को आज वैश्विक स्तर पर मिल रही मान्यता...

उप्र के परंपरागत उत्पादों को आज वैश्विक स्तर पर मिल रही मान्यता : योगी आदित्यनाथ

-मुख्यमंत्री ने एक जनपद एक उत्पाद के वर्चुअल फेयर का किया शुभारम्भ 

लखनऊ (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में निवेश व रोजगार की व्यापक संभावनाओं को आगे बढ़ाने के कार्यक्रम फिक्की के साथ वर्ष 2017-18 से प्रारंभ हुए थे, उन्हें सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमने वर्ष 2018 में उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर एक जिला एक उत्पाद की अद्वितीय योजना प्रारंभ की थी। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में परंपरागत उत्पाद को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए जो प्रयास शुरू हुए थे, उनसे परंपरागत उत्पादों को आज वैश्विक स्तर पर मान्यता मिल रही है।
मुख्यमंत्री सोमवार को प्रदेश के एक जनपद एक उत्पाद के वर्चुअल फेयर का शुभारम्भ करने के दौरान बोल रहे थे। 23 अक्टूबर तक चलने वाला यह वर्चुअल फेयर फिक्की इंडिया की सहभागिता के साथ आयोजित किया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा घोषित आत्मनिर्भर भारत पैकेज के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए उप्र के कारीगारों, हस्तशिल्पियों, उद्यमियों व निर्यातकों की सहायता के लिए देश में पहली बार इस तरह के वर्चुअल फेयर का आयोजन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश की इस अभिनव योजना को पूरे देशभर में लागू किया जा रहा है। फिक्की इंडिया के साथ मिलकर ही हमने 2018 में इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया था। प्रदेश में आयोजित किए जा रहे इन्वेस्टर्स समिट केवल एमओयू तक सीमित नहीं होंगे, बल्कि व्यावहारिक धरातल पर भी उतरते हुए दिखाई देंगे। दो चरणों में आयोजित हुए ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के आयोजनों ने यह साबित करके दिखाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि आज के इस वर्चुअल फेयर प्रोग्राम के जरिए प्रदेश के एक जनपद एक उत्पाद की ब्रांडिंग, मार्केटिंग, फॉरवर्ड लिंकेज बनाना आदि सम्भव हो पा रहा है। इसके साथ ही उद्यमियों के लिए बीटूबी लिंकेज को विकसित करना भी सम्भव हो रहा है। विश्व के 35 देशों एवं देश के लगभग 1,000 बायर्स ने भी इसके लिए अपना रजिस्ट्रेशन कराया है। प्रदेश के लगभग 600 ओडीओपी सेलर्स इस वर्चुअल फेयर में अपना स्टॉल लगा चुके हैं और संख्या निरंतर बढ़ती हुई दिखाई दे रही है। 
उन्होंने कहा कि इस मेले के माध्यम से प्रदेश के एक जिला एक उत्पाद को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच को आसान करना और उत्पादक को अपने उत्पाद का सही दाम मिल सके, इस पर हमारा पूरा फोकस है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खासतौर से एक्सपोर्ट काउंसिल के साथ समन्वय करते हुए इस वर्चुअल फेयर को एक नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का जो कार्यक्रम प्रारंभ हुआ है, यह अपने आप में एक अभिनव प्रयोग है। उन्होंने कहा कि एक जिला एक उत्पाद कार्यक्रम के, हमारे अमेजन, फ्ल्पिकार्ट सहित जो एमओयू पार्टनर हैं, उनको भी इसमें हम लोगों ने आमंत्रित किया है। इनके विशेषज्ञों के द्वारा भी ब्रांडिंग और मार्केटिंग को आगे बढ़ाने पर काम होगा।

RELATED ARTICLES

Most Popular