लखनऊ (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के कई शहरों में मेट्रो रेल (ट्रेन) का जाल बिछाने के लिए तेजी से कार्य हो रहे हैं। लखनऊ के साथ प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर में मेट्रो रेल के लिए कार्य योजना तैयार है। आगरा और कानपुर में मेट्रो ट्रेन का संचालन शुरू करने की तैयारियां तेजी से चल रही हैं।
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल काॅरपोरेशन लिमिटेड (यूपीएमआरसीएल) ने प्रथम कॉरिडोर(आईआईटी से नौबस्ता तक) में से आईआईटी से मोतीझील तक के प्राथमिकता वाले सेक्शन में नवम्बर में मेट्रो के ट्रायल रन और जनवरी से यात्रियों को यह सुुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है।
कानपुर में मेट्रो का निर्माण कार्य तेजी से ट्रायल रन की तरफ बढ़ रहा है। प्राथमिकता वाले कॉरिडोर में आईआईटी से मोतीझील तक नौ किलोमीटर लंबे सेक्शन में से साढ़े आठ किलोमीटर से ज्यादा में मेट्रो ट्रैक का आधार तैयार हो गया है। इस कॉरिडोर में 600 यू-गर्डर भी रखे जा चुके हैं। इसके साथ ही आईआईटी से मेडिकल कालेज गेट तक मेट्रो ट्रैक के लिए ट्रैक के लिए कनेक्टिविटी पूरी हो गई है। फिलहाल अक्टूबर में ट्रेन कोच आएंगे और नवम्बर में ट्रायल रन की तैयारी है।
कानपुर में पहले चरण में आईआईटी से मोतीझील के बीच लगभग नौ किमी तक मेट्रो रेल चलेगी। कानपुर में दो कॉरिडोर में काम चल रहा है। पहले कॉरिडोर की लंबाई आईआईटी कानपुर से नौबस्ता तक 23.8 किलोमीटर और दूसरे में एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय से बर्रा तक 8.6 किलोमीटर तक मेट्रो ट्रेन चलेगी। इनमें कुल 30 स्टेशन होंगे।
आगरा में 30 नवम्बर से मेट्रो रेल के संचालन की तैयारियां चल रही है। आगरा में पहले चरण में ताज ईस्ट गेट से जामा मजिस्द तक लगभग छह किलोमीटर में मेट्रो रेल चलेगी। आगरा में दो कॉरिडोर में मेट्रो रेल परियोजना का काम चल रहा है। सिकंदरा से ताज ईस्ट गेट और आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक कार्य चल रहा है। पहले कॉरिडोर की लंबाई 14 किमी और दूसरे की 15.4 किमी है। दोनों कॉरिडोर में कुल 27 स्टेशन होंगे।
लखनऊ में फेज-वन बी में चारबाग से बसंतकुंज के बीच विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार है। इसकी कुल लंबाई करीब 11.098 किलोमीटर है। इस रूट पर 12 मेट्रो स्टेशन होंगे। इस पर करीब 4,888 करोड़ रुपये खर्च होंगे। फिलहाल चारबाग से बसंत कुंज के बीच मेट्रो का कार्य अभी शुरू होना है। गोरखपुर और वाराणसी में लाइट मेट्रो रेल चलाने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) का कार्य पहले ही पूरा हो चुका है। कैबिनेट से मंजूरी के बाद इसे केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक कुमार केशव का कहना है कि कानपुर और आगरा में मेट्रो के निर्माण कार्य बहुत तेजी से चल रहे हैं। यहां पर मेट्रो ट्रेन का संचालन होना है। कानपुर में प्राथमिकता वाले सेक्शन में सिविल कार्य लगभग पूरे हो गए हैं। इसके साथ ही मेट्रो ट्रैक बिछाने, स्टेशनों, डिपो के तकनीकी कक्ष आदि भी तैयार किए जा रहे हैं।
