लखनऊ/उन्नाव(हि. स.)। जनपद के असोहा में गुरुवार को किसी कारणवश बुआ-भतीजी का अंतिम संस्कार न हो पाने के बाद शुक्रवार सुबह कमिश्नर व आइजी गांव पहुंचे। कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह नौ बजकर 45 मिनट बुआ और भतीजी का अंतिम संस्कार करा दिया गया। परिजनों की रजामन्दी के बाद ही अंतिम संस्कार कराया गया है।
इस दौरान कमिश्नर रंजन कुमार, आईजी लक्ष्मी सिंह, डीएम रविन्द्र कुमार, एसपी आनंद कुलकर्णी के साथ भारी फोर्स मौजूद थी।
असोहा थाना क्षेत्र के बबुरहा गांव में बुधवार देर रात सरसों के खेत में बुआ-भतीजी और चचेरी बहन बेहोशी की हालत में मिली थी। सीएचसी के डॉक्टरों ने बुआ-भतीजी को मृत घोषित कर दिया था। जबकि चचेरी बहन को इलाज के लिए कानपुर के रीजेंसी अस्पतला में भेजा था।
गुरुवार को हुए पोस्टमार्टम में खुलासा हुआ कि बुआ-भतीजी के मौत जहर से हुई थी, जबकि दोनों के शरीर में किसी भी प्रकार के आंतरिक और बाहरी चोट के निशान नहीं थे। देर शाम को शवों को दफनाने के लिये गड्ढे खोदने के लिए बुलाई गई जेसीबी का ग्रामीणों ने रास्ता रोक दिया, जिस कारण दोनों का अंतिम संस्कार नहीं हो सका। मृतक के पिता के कहने पर डीएम के आदेश के बाद सुबह अंतिम संस्कार सुबह के लिए टाल दिया गया।
शुक्रवार सुबह हुआ अंतिम संस्कार
भोर पहर ही कमिश्नर रंजन कुमार व आइजी लक्ष्मी सिंह, एसपी आनंद कुलकर्णी गांव पहुंचे और अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू करवाई। इस बीच अधिकारियों ने दोनों के परिवार वालों से अकेले में बात की। इसके बाद गांव में बड़ी तादाद में फोर्स के बीच दोनों शवों को दफना दिया गया।
