CJI ने कहा-विधानसभा अध्यक्ष विधायकों की अयोग्यता पर अभी न लें कोई फैसला
नेशनल डेस्क
नई दिल्ली। महाराष्ट्र के सियासी संकट पर 21 दिन बाद सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। विधायकों की अयोग्यता को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए CJI एनवी रमना ने कहा कि फिलहाल स्पीकर इस पर फैसला नहीं लेंगे। अदालत का फैसला आने तक यह कार्यवाही रुकी रहेगी। कोर्ट ने राज्यपाल की ओर से पेश हुए एसजी से कहा कि नवनियुक्त विधानसभा अध्यक्ष को यह निर्देश जारी करें। महाराष्ट्र विधानसभा के प्रधान सचिव राजेंद्र भागवत ने ैब् में जवाब दाखिल किया था कि 3 जुलाई को राहुल नार्वेकर को विधानसभा अध्यक्ष चुना गया है। अब उन्हें अयोग्यता का मसला देखना है। ऐसे में डिप्टी स्पीकर की तरफ से भेजे नोटिस को चुनौती देने वाली विधायकों की याचिका का ैब् निपटारा कर दे और नए स्पीकर को अयोग्यता पर फैसला करने दें। इधर, सुनवाई से पहले डिप्टी स्पीकर नरहरि जिरवाल ने हलफनामा पेश किया था। जिरवाल ने कहा- 16 बागी विधायकों को 48 घंटे का वक्त दिया गया था, लेकिन उन्होंने 24 घंटे में ही सुप्रीम कोर्ट का रूख कर लिया। 26 जून को सुप्रीम कोर्ट ने एकनाथ शिंदे खेमे के 16 विधायकों की सदस्यता रद्द वाले नोटिस पर सुनवाई की थी, जिसमें कोर्ट ने डिप्टी स्पीकर, शिवसेना, केंद्र सरकार और महाराष्ट्र पुलिस को जवाब दाखिल करने के लिए कहा था। महाराष्ट्र में डांस ऑफ डेमोक्रेसी और शिंदे की एडहॉक सरकार सुप्रीम कोर्ट की राहत पर टिकी है, बागी अयोग्य घोषित हुए तो तख्ता पलट सकता है।
जानें अब तक क्या-क्या हुआ…
20 जून शिवसेना के 15 और 10 निर्दलीय विधायक महाराष्ट्र से निकलकर सूरत पहुंच गए। देर रात तक 5 और विधायक इनके सपोर्ट में आ गए। 21 जून सूरत से विधायकों का जत्था गुवाहाटी के लिए निकले। शिंदे का पहला बयान इसी दिन सामने आया। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे को महाविकास अघाड़ी से बाहर आना होगा। 24 जून को डिप्टी स्पीकर ने शिवसेना के 16 विधायकों को अयोग्यता का नोटिस दिया। इनमें एकनाथ शिंदे का नाम भी था। 25 जून को शिंदे गुट ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। कोर्ट में डिप्टी स्पीकर के फैसले को अवैध बताया गया। 26 जून को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने महाराष्ट्र पुलिस, डिप्टी स्पीकर, केंद्र सरकार और शिवसेना को नोटिस जारी किया। 28 जून को राज्यपाल ने उद्धव ठाकरे को बहुमत साबित करने के लिए कहा। देवेंद्र फडणवीस ने राज्यपाल से यह मांग की थी। 29 जून को शिवसेना की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने राज्यपाल के फैसले पर तत्काल स्टे लगाने से इनकार कर दिया। 29 जून को ही उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने विधानपरिषद का पद भी छोड़ दिया। 30 जून को शिवसेना के बागी एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री बने। भाजपा के देवेंद्र फडणवीस डिप्टी सीएम बनाए गए। 3 जुलाई को विधानसभा में भाजपा के राहुल नार्वेकर नए स्पीकर चुने गए। उसी दिन स्पीकर ने शिंदे गुट को अलग मान्यता दी। 4 जुलाई को एकनाथ शिंदे ने विधानसभा में बहुमत प्रस्ताव पेश किया और फ्लोर टेस्ट जीत लिया।
53 विधायकों को कारण बताओ नोटिस
महाराष्ट्र विधानसभा सचिव राजेंद्र भागवत ने शिव सेना के सभी 53 विधायकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह नोटिस शिव सेना के दोनों गुटों द्वारा दर्ज शिकायत के आधार पर जारी किया गया है। विधायकों से एक हफ्ते में जवाब देने को कहा गया है। शिव सेना के 39 विधायक एकनाथ शिंदे के समर्थन में हैं, जबकि 14 विधायक उद्धव ठाकरे के साथ बने हुए हैं। शिंदे भाजपा के समर्थन से सीएम बने हैं।
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