— दिल्ली और पंजाब में रह रहे हैं नाइजीरियन ठग के दोस्त, तलाश में जुटी पुलिस
कानपुर (हि.स.)। कानपुर क्राइम ब्रांच ने पिछले दिनों जिस नाइजीरियन ठग को गिरफ्तार किया है, वह बराबर राज उगल रहा है। उसने बताया कि आठ से 10 लोगों का ग्रुप है जो उत्तर भारतीय युवतियों को फेसबुक और इंस्टाग्राम में दोस्ती गांठने के बाद महंगे उपहार भेजने का झांसा देकर ठगा जाता था। ग्रुप में पांच नाइजीरियन दोस्त हैं और इन सभी की वीजा अवधि दो साल पहले खत्म हो चुकी है। उसने बताया कि ग्रुप के सदस्य दिल्ली और पंजाब में रह रहे हैं, जिनकी तलाश में क्राइम ब्रांच की टीम जुटी हुई है।
दरअसल, नवाबगंज थाने में बीते 24 जुलाई को एक युवती ने ठगी का मुकदमा दर्ज कराया था। जिस पर कानपुर क्राइम ब्रांच ने जांच की और पता चला कि नाइजीरिया निवासी ओकुवारिमा मोसिस युवतियों को फेसबुक और इंस्टाग्राम में दोस्ती कर ठगी करता है। वह केविन हेरिसन नाम इंस्टाग्राम और फेसबुक बनाये हुए है। क्राइम ब्रांच ने ओकुवारिमा मोसिस को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है और पूछताछ में परत दर परत खुलती जा रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक उसने क्राइम ब्रांच को बताया कि उसके हमवतन दोस्त पिछले दो सालों से एक्सपायर हो चुके वीजा के साथ देश में छिपे हैं। इनकी संख्या चार से पांच बताई जा रही है। उसने बताया कि ठगी करने में आठ से 10 लोग हैं जो ग्रुप बनाकर काम करते थे। क्राइम ब्रांच को उसके मोबाइल से जिन संदिग्धों के नंबर मिले हैं वह दिल्ली और पंजाब में रह रहे हैं। उसने बताया कि सभी लोग ठगी करने के लिए उत्तर भारतीय युवतियों को टारगेट करते थे।
इस तरह करता था ठगी
नाइजीरिया निवासी ओकुवारिमा मोसिस ने पूछताछ में बताया कि केविन हेरिसन नाम से फेसबुक व इंस्टाग्राम पर विशेषकर युवतियों से दोस्ती करके चैटिंग से उन्हें जाल में फंसाता था। महंगे गिफ्ट देने की पेशकश करने पर जब युवतियां उसके झांसे में आ जातीं तो कस्टम अधिकारी बनकर कानूनी पचड़े का डर दिखा उनसे रुपये ऐंठ लेता था। ऐसा करके उसने अब तक 70 से 80 लाख रुपये की ठगी की है।
