लखनऊ (हि.स.)। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ ने मंगलवार को लखनऊ में कहा कि उत्तर प्रदेश के युवाओं को धर्म और मंदिर से पहले रोजगार चाहिए। आज उत्तर प्रदेश में नौजवानों के लिए रोजगार एवं व्यवसाय का मौका नहीं है। निवेश की कमी के कारण उत्तर प्रदेश का युवा बेरोजगार टहल रहा है, वह रोजगार का अवसर चाहता है। वह प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
कमलनाथ ने कहा कि कांग्रेस की संस्कृति जोड़ने की है। हम देश जोड़ते हैं, सम्बन्ध जोड़ते हैं। सभी जाति और धर्माें को जोड़ते हैं। यही देश की संस्कृति है। हम उस देश में रहते हैं जिसमें अनेकों जातियां है, धर्म हैं, भाषाएं हैं, रस्में हैैं। बाबा साहब डा. भीमराव अम्बेडकर ने ऐसा संविधान बनाया कि अनेकता एवं विभिन्नता वाले देश को एक साथ जोड़कर रखा जा सका।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कमलनाथ का स्वागत करते हुए कहा कि उनका उत्तर प्रदेश से पुराना नाता है। और वे उत्तर प्रदेश में राजनीतिक संघर्ष करते हुए कई बार जेल गये।
पूर्व मुख्यमंत्री नेे कहा कि आज उत्तर प्रदेश में कांग्रेस प्रियंका गांधी के नेतृत्व में खड़ी हो गयी है। किसान आंदोलन हुआ प्रियंका गांधी ने उसका नेतृत्व किया। उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश कृषि प्रधान राज्य हैं। देश की 50 प्रतिशत अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है। किसानों की जेब में पैसा नहीं है इससे उनकी क्रय क्षमता घट गयी है। जिस कारण अर्थव्यवस्था चौपट हो गयी है।
संगठन की महत्ता पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि आज राजनीति स्थानीय हो गई हैं। स्थानीय नेताओं से संगठन मजबूत होता है। हमें स्थानीय संगठन पर जोर देना है। प्रियंका गांधी वाड्रा ने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के नवनिर्माण एवं कांग्रेस सरकार की पुर्नवापसी की चुनौती स्वीकार की है। प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाया है। लोगों में उत्साह पैदा किया है। महिलाओं में जोश और शक्ति पैदा की है। आप सब की जिम्मेदारी है कि ‘‘एक बूथ बीस यूथ’’ का गठन करें।
उन्होंने यूथ कांग्रेस, एनएसयूआई, महिला कांग्रेस एवं सेवादल का भी आवाहन करते हुए उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनाने के लिए अपनी पूर्ण क्षमता के साथ जुटने का मंत्र दिया। पार्टी की सदस्यता अभियान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को गांव-गांव एवं शहरों की गली-गली में सदस्यता अभियान चलाना चाहिए।
