लखनऊ, 19 दिसम्बर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश अग्निशमन तथा आपात सेवा अधिनियम-2022 को लागू किया गया है। इस अधिनियम के माध्यम से अग्निशमन व आपात सेवा के उपायों को और अधिक सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी।
प्रमुख सचिव (गृह) संजय प्रसाद ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार की ओर से प्रसारित मॉडल फायर एण्ड इमरजेंसी सर्विस बिल, 2019 के प्राविधानों को उत्तर प्रदेश में लागू किये जाने के संबंध में ‘उत्तर प्रदेश फायर एण्ड इमरजेंसी सर्विसेज अधिनियम-2022’ के आलेख को स्वीकृति प्रदान की गयी है।
सम्पूर्ण भारत में फायर सर्विस अधिनियम में एकरूपता लाये जाने के लिए भारत सरकार ने मॉडल फायर सर्विस बिल 1958 एवं संशोधित मॉडल फायर एण्ड इमरजेन्सी सर्विस बिल, 2019 प्रदेश सरकारों को अंगीकृत करने के लिए प्रसारित किया गया है। इसके क्रम में भारत सरकार ने प्रसारित मॉडल फायर एण्ड इमरजेन्सी सर्विस बिल, 2019 को अंगीकृत किये जाने के लिए ‘उत्तर प्रदेश फायर एण्ड इमरजेन्सी सर्विसेज अधिनियम-2022’ को लागू किया गया है।
उत्तर प्रदेश अग्निशमन सेवा को अग्निकांडों से बचाव के साथ-साथ अन्य आपातकालीन आवश्यकताओं जैसे-बाढ़, भूकम्प, बिल्डिंग कोलैप्स, आण्विक एवं जैविक खतरों इत्यादि में रेस्क्यू/बचाव कार्य के लिए वैधानिक एवं ढांचागत रूप से सुसज्जित एवं प्रशिक्षित किये जाने की आवश्यकता है। मॉडल फायर एण्ड इमरजेन्सी सर्विस बिल, 2019 को अंगीकृत करने से वैधानिक/राजकीय कर्तव्यों के प्रभावी निष्पादन के लिए अग्निशमन विभाग के कर्तव्य एवं उत्तरदायित्व के बीच यथोचित संतुलन स्थापित होगा।
दीपक वरुण
