कानपुर (हि.स.)। अप्रैल माह में मई जैसी लोगों को गर्मी महसूस होती रही, क्योंकि मार्च में पश्चिमी विक्षोभ कमजोर रहे। अप्रैल के बाद जैसे ही मई माह की शुरुआत हुई तो बंगाल की खाड़ी से नम हवाएं आना शुरु हो गई और उत्तर पूर्व हवाओं के चलने से कानपुर में चार डिग्री सेल्सियस तापमान गिर गया। इससे लोगों को फिलहाल गर्मी से भारी राहत मिल सकी।
चन्द्रशेखर आाजाद कृषि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम कृषि वैज्ञानिक डा. एस एन सुनील पाण्डेय ने सोमवार को बताया कि जम्मू कश्मीर और आसपास के इलाकों में ताजा पश्चिमी विक्षोभ देखा गया है और प्रेरित चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र दक्षिण-मध्य पाकिस्तान और राजस्थान के आसपास के हिस्सों पर बना हुआ है। एक और चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों पर बना हुआ है। उत्तर पश्चिमी राजस्थान से उत्तरी छत्तीसगढ़ तक एक ट्रफ रेखा बनी हुई है। एक और ट्रफ रेखा दक्षिण छत्तीसगढ़ से आंतरिक कर्नाटक तक फैली हुई है। चार मई को दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना है। इसके प्रभाव में छह मई तक एक कम दबाव का क्षेत्र विकसित हो सकता है जो और तेज हो सकता है।
बताया कि कानपुर में आज अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो एक दिन पहले के मुताबिक चार डिग्री सेल्सियस कम है। न्यूनतम तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 2.1 डिग्री सेल्सियस अधिक है। सुबह की सापेक्षिक आर्द्रता 74 प्रतिशत और दोपहर की सापेक्षिक आर्द्रता 30 प्रतिशत दर्ज की गई। हवाओं की दिशाएं उत्तर पूर्वी रहीं जिनकी औसत गति 9.3 किमी प्रति घंटा रही। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार आसमान साफ रहने के आसार हैं और बारिश की कोई संभावना नहीं है किंतु गरज के साथ बौछारे धूल भरी आंधी सुबह या शाम को अगले 48 घंटे में आने की संभावना बनी रहेगी तथा दिन का तापमान अधिक एवं हवाओं की गति तेज रहने के आसार हैं।
अजय
