कानपुर(हि.स.)। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के बीच हवाओं की दिशाएं उत्तर पश्चिमी हो गई हैं, जिससे सर्द हवा गंगा के मैदानी इलाकों में आ रही है। इन हवाओं के चलने से जहां सर्दी बढ़ेगी तो वहीं सिहरन से लोगों की कंपकंपी भी छूटेगी।
मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर पश्चिमी सर्द हवाओं के कारण कानपुर मण्डल सहित गंगा के मैदानी भागों में दिन की सर्दी बढ़ सकती है और तापमान में भी गिरावट की संभावना है। इसके साथ ही यह हवाएं दिन में भी सिहरन पैदा करती रहेंगी।
चन्द्रशेखर आजाद कृषि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एस एन सुनील पाण्डेय ने सोमवार को बताया कि आंतरिक श्रीलंका के ऊपर एक अच्छी तरह से चिह्नित कम दबाव का क्षेत्र कोमोरिन क्षेत्र और श्रीलंका के निकटवर्ती तट पर चला गया है। संबद्ध चक्रवाती परिसंचरण मध्य क्षोभमंडलीय स्तर तक फैला हुआ है। इसके पश्चिम उत्तर पश्चिम दिशा में दक्षिण पूर्व अरब सागर की ओर बढ़ने की उम्मीद है। 29 दिसंबर की रात से एक नए पश्चिमी विक्षोभ के पश्चिमी हिमालय तक पहुंचने की उम्मीद है।
अगले तीन से चार दिनों के दौरान पंजाब, हरियाणा, उत्तरी राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली के कुछ हिस्सों में घना कोहरा छा सकता है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली उत्तरी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों और सौराष्ट्र और कच्छ में एक या दो स्थानों पर शीत लहर की स्थिति संभव है। अगले चौबीस घंटों के दौरान पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों में कोल्ड डे की स्थिति बन सकती है।
उन्होंने बताया कि कानपुर में अधिकतम तापमान 20.0 और न्यूनतम तापमान 8.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह की सापेक्षिक आर्द्रता 94 और दोपहर की सापेक्षिक आर्द्रता 55 प्रतिशत रही। हवाओं की दिशाएं उत्तर पश्चिम हो गई हैं जिनकी औसत गति 2.9 किमी प्रति घंटा रही।
अजय
