केंद्रीय शांति समिति की बैठक में सर्व सम्मति से किया गया फैसला
इस बार सुबह सात बजे से शहर के मस्जिदों में शुरू हो जाएगी ईद की नमाज
डीएम, एसपी ने सभी से किया सहयोग की अपील,
उपद्रवियों को दी सख्त चेतावनी
जानकी शरण द्विवेदी
गोण्डा। इस बार ईद के पर्व पर शहर की व्यवस्था बदली-बदली नजर आएगी। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने निर्णय लिया है कि ईद की नमाज ईदगाह की चहारदीवारी के अंदर ही अदा की जाएगी। इसके बाहर किसी को भी नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं होगी। ईदगाह में ज्यादा भीड़ एकत्रित न हो, इसके लिए पहली बार ईदगाह के साथ ही अनेक मस्जिदों में भी सुबह सात बजे से ही नमाज शुरू हो जाएगी, जिससे ईदगाह की नमाज शुरू होने के समय पूर्वान्ह नौ बजे से पूर्व ही अधिकांश लोग नमाज अदा कर चुके हों।

जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में पुलिस लाइन में शनिवार को बुलाई गई केन्द्रीय शांति समिति की बैठक में इसके अलावा कई अन्य निर्णय भी लिए गए।
जिलाधिकारी डा. उज्ज्वल कुमार की अध्यक्षता में पुलिस लाइन में आयोजित केन्द्रीय शांति समिति की बैठक में शासन के निर्देशानुसार ईदगाह और मस्जिदों के अंदर ही रहकर प्रत्येक दशा में नमाज अदा किए जाने पर सहमति बनी। यद्यपि बैठक में शामिल कुछ लोगों ने इस बात का अनुरोध किया था कि वर्ष में एक बार पड़ने वाले खुशी के त्यौहार पर प्रशासन को इस बारे में थोड़ी सी ढ़ील दिए जाने पर विचार करना चाहिए, किन्तु प्रशासन ने उसे न केवल सिरे से खारिज कर दिया, बल्कि यहां तक कहा कि हम शासन के निर्देशों के अनुसार काम करने के लिए सभी से सहयोग की अपील करते हैं। इसमें सहयोग न करने वालों से निपटने की कला भी प्रशासन के पास है। जिलाधिकारी ने कहा कि आगामी तीन मई को ईद के साथ-साथ अक्षय तृतीया व परशुराम जयंती का भी आयोजन होने की संभावना है। इसके अलावा अयोध्या के चारो तरफ होने वाली चौरासी कोसी परिक्रमा भी जिले में प्रवेश कर गई है, जो ईद तक जिले में ही विभिन्न थाना क्षेत्रों में पड़ाव करेगी। एक ही दिन इन पर्वों के पड़ने के कारण सभी धर्मगुरुओं से अपेक्षा की जाती है कि वे आपसी भाईचारे व सौहार्दपूर्ण वातावरण को बनाए रखते हुए त्यौहारों को सकुशल मनाए जाने में सहयोग करेंगे। डीएम ने कहा कि ईद के पर्व पर साफ-सफाई, बिजली पानी आदि के बारे में सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने बैठक में मौजूद अधिकारियों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में प्रतिबंधित पशुओं के बारे में भी जानकारी एकत्रित करके उनके मालिकों को पहले से आगाह कर दें कि वे ईद की पूर्व संध्या से ही अपने जानवरों को बांध कर रखें और वे ईदगाह अथवा मस्जिदों के आसपास न जाने पाएं। उन्होंने सम्भ्रांत नागरिकों से अपील किया कि प्रशासन की तरफ से सोशल मीडिया पर कड़ी नजर रखी जा रही है, किन्तु यदि आपके संज्ञान में भी कोई आपत्ति जनकर पोस्ट संज्ञान में आती है, तो उससे प्रशासन को तुरंत अवगत कराएं। सम्बंधित के खिलाफ तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने सभी अधिशाषी अधिकारियों को निर्देशित किया कि नगर निकायों में साफ-सफाई व जल आपूर्ति की समुचित व्यवस्था कर लें, ताकि त्यौहार में किसी प्रकार का व्यवधान न आने पाये। उन्होंने अधिशाषी अधिकारी विद्युत को भी निर्देशित किया कि जनपद में विद्युत की सप्लाई सुचारु रूप से मिलनी चाहिए। उन्होंने जनपद वासियों के सहयोग से पूजा स्थलों से बड़ी संख्या में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उतारे जाने पर आभार व्यक्त किया। साथ ही यह उम्मीद भी जताया कि आने वाले त्यौहार भी आपसी सहयोग और सामंजस्य से मिल जुलकर मनाएंगे। डीएम ने बैठक में ईदगाह के इमाम के अनुरोध पर ईद की नमाज के वक्त ईदगाह में कम आवाज के साथ एक ध्वनि विस्तारक यंत्र लगाए जाने की अनुमति प्रदान की।

पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्र ने जिला मुख्यालय पर स्थित ईदगाह के इमाम मौलाना मुजक्किर खान तथा कटरा बाजार के जियाउल हक शाह के अनुरोध को ठुकराते हुए कहा कि हम शासन की मंशा के विपरीत कोई भी कार्यक्रम करने की अनुमति नहीं दे सकते। यदि शासन की मंशा है कि नमाज ईदगाह व मस्जिदों की बाउण्ड्री के अंदर पढ़ी जाएगी, तो हमें उसका हरहाल में पालन करना ही होगा। एसपी ने यहां तक कह दिया कि यदि आप अपने नगर मजिस्ट्रेट, सीओ सिटी और नगर कोतवाल से मोहब्बत करते हो तो ऐसा कुछ करने के बारे में सोचना भी मत, क्योंकि आपके ऐसा करने से सबसे पहले उन्हीं का नुकसान होगा और अगले दिन वह हम आपके बीच नहीं रह जाएंगे। एसपी ने इस बात पर बार-बार जोर दिया कि नमाज चहारदीवारी के अंदर ही होगी। दरअसल मरकजी ताजिया कमेटी के मेंहदी हसन ने भी डीएम को पत्र लिखकर ईदगाह की चहारदीवारी के बाहर नमाज पढ़ने की अनुमति मांगी थी। इसके अलावा मौलाना मुजक्किर खान व जियाउल हक शाह ने वर्ष में एक बार त्यौहार होने का हवाला देते हुए प्रशासन से थोड़ी छूट देने की गुजारिश की थी, जिसे एसपी ने बहुत ही स्पष्ट शब्दों में खारिज कर दिया। साथ ही कटरा बाजार के प्रभारी निरीक्षक सुधीर कुमार सिंह को निर्देश दिया कि वे सभी सम्बद्ध पक्षों की बैठक करके यह सुनिश्चित कराएंगे कि किसी भी दशा में ईदगाह के बाहर नमाज नहीं पढ़ी जाए। एसपी ने सभी से अनुरोध किया कि वे खुले मन एवं भाईचारे के साथ त्यौहार का आनन्द उठाएं। कोई भी कार्य परम्परा से हटकर न किया जाय। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर आपस में न उलझे, उसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दें। उन्होंने सभी थानाध्यक्षों को निर्देशित किया कि अपने-अपने क्षेत्रों में कानून व्यवस्था को बनाए रखा जाय, जिससे कोई अप्रिय घटना न हो सके। बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी जयनाथ यादव, अपर पुलिस अधीक्षक शिव राज, शिया मस्जिद के इमाम मौलाना मुंतजिर हुसैन, नगर पालिका अध्यक्ष के प्रतिनिधि कमरुद्दीन एडवोकेट, कर्नलगंज के शमीम अच्छन, कटरा बाजार के सुबराती, मुश्तकीम खान, दिवाकर सोमानी, रहमानिया मस्जिद के सचिव खुर्शीद आलम, छपिया के प्रधान विकास द्विवेदी, मसकनवा के असगर अली, धानेपुर के जैनुल आब्दीन, सभासद प्रतिनिधि विकास जायसवाल आदि ने भी अपनी बात रखी। मेंहदी हसन ने बताया कि ईदगाह में कम लोगों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए नगर के अधिकांश मस्जिदों में सुबह सात बजे से ही ईद की नमाज पढ़ी जाएगी, जिससे नौ बजे तक संख्या सीमित हो जाय और सभी लोग ईदगाह की चहारदीवारी के अंदर आ सकें।

इस मौके पर अपर जिलाधिकारी सुरेश कुमार सोनी, सिटी मजिस्ट्रेट अर्पित गुप्ता, एसडीएम तरबगंज कुलदीप सिंह, कर्नलगंज हीरा लाल, मनकापुर कीर्ति प्रकाश भारती, एएसडीएम द्वितीय/अधिशासी अधिकारी कटरा बाजार मंशाराम वर्मा, प्रशिक्षु एसडीएम/बीडीओ तरबगंज आकाश सिंह, सीओ सदर लक्ष्मी कांत गौतम, कर्नलगंज मुन्ना उपाध्याय, तरबगंज संसार चन्द्र राठी, मनकापुर संजय तलवार, प्रशिक्षु सीओ सौरभ कुमार वर्मा, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खण्ड प्रथम वेंकट रमन समेत सभी थानों के प्रभारी निरीक्षक, ईओ कर्नलगंज प्रियंका मिश्रा, मनकापुर शिवम द्विवेदी, परसपुर उपेन्द्र कुमार उपाध्याय सहित नगर व जिले के कोने-कोने से आए सम्भ्रान्त नागरिक मौजूद रहे।

