– पश्चिम बंगाल के कोलकाता ले जाने से पूर्व पकड़े गए
इटावा (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के सिविल लाइन इलाके में पिलुआ मंदिर के पीछे यमुना नदी से दुर्लभ प्रजाति के कछुओं को बरामद कर चार तस्करों को गिरफ्तार करने के दावा किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. ब्रजेश कुमार सिंह ने बताया कि काफी दिनों से इस बात की जानकारी मिल रही थी कि कछुओं की यमुना नदी के किनारे से तस्करी की जा रही है। इसी आधार पर पुलिस ने छापेमारी करके दुर्लभ प्रजाति के कछुओं को बरामद किया गया।
उन्होंने बताया कि एसओजी टींम व सिविल लाइन पुलिस की संयुक्त कार्यवाही करते हुए कछुआ तस्करी के अन्तरराज्यीय गिरोह के चार सदस्यों को विभिन्न प्रजातियों के तीन लाख रुपये मूल्य के 67 कछुआ के साथ गिरफ्तार किया गया। बताया कि पिलुआ हनुमान मंदिर के पास यमुना नदी के किनारे पहुची तो पुलिस टीम को चार व्यक्ति कछुओं को बोरो में भरते हुए दिखाई दिए। जिन्हे पुलिस टीम की ओर से आवश्यक बल प्रयोग कर घेराबन्दी करते हुए सभी चारों तस्करों को मौके से गिरफ्तार किया गया। गिफ्तार अभियुक्त की तलाशी लेने पर उनके पास बोरो में से 55 कछुएं सुन्दरी प्रजाति, छह कछुएं चित्रा प्रजाति, छह कछुएं सोनिया गैंगगोटिक्स प्रजाति जिनमें से पांच कछुएं मृत अवस्था में बरामद किए गए।
पकड़े गए तस्करों ने बताया कि वे लोग इन कछुओं को उत्तराखण्ड के व्यक्ति को 300-400 रुपए किग्रा के हिसाब से बेच देते है।
उन्होंने बताया कि जगदीश पुत्र वंशीलाल निवासी कोकपुरा थाना फ्रेण्डस कालोनी जनपद इटावा, सदानन्द पुत्र सशांक उर्फ शंकर मण्डल निवासी शक्ति फार्म, थाना सितारगंज उधम सिंह नगर उत्तराखण्ड, सीटू उर्फ देवेन्द्र पुत्र गुलाब सिंह निवासी कोकपुरा थाना फ्रेण्डस कालोनी जनपद इटावा और उदयवीर सिहं पुत्र स्वरुप सिहं निवासी कोकपुरा थाना फ्रेण्डस कालोनी जनपद इटावा को गिरफ्तार किया गया।
पर्यावरणीय संस्था सोसायटी फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर के महासचिव डॉ. राजीव चौहान का कहना है कि
अमूमन ऐसा देखा गया कि जब भीषण गर्मी आती है तब तस्कर चिप्स बना कर तस्करी करते है।
