Friday, April 10, 2026
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आसाराम स्वस्थ, वापस जेल भेजा, मीडिया से बोले सब ठीक होगा

-अस्पताल में उमड़े समर्थकों ने किया हंगामा, पुलिस ने खदेड़ा
जोधपुर (हि.स.)। अपने ही गुरुकुल की नाबालिग छात्रा से यौन शोषण के आरोप में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम की अब तबीयत में काफी हद तक सुधार है। उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर वापस जोधपुर जेल भेज दिया गया है। उन्होंने गाड़ी में चढ़ने से पहले मीडिया से बात की। 
मीडिया ने जब उनकी बीमारी के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि सब ठीक होगा। हाथ जोड़कर हरिओम भी कहा। आसाराम की गुरुवार सुबह फिर से इसीजी करवाई गई तब सब नार्मल आया। रिपोर्ट में उनके यूरिन ब्लडर में इंफेक्शन आया है। इस पर चिकित्सीय जांच के बाद दवाई दी गई। हार्ट की एंजियोग्राफी करवाने से आसाराम ने फिर से इंकार कर दिया। हालांकि हार्ट समस्या बनी है। सुबह उनकी सोनोग्राफी भी करवाई गई।

मथुरादास माथुर अस्पताल की पहली मंजिल पर बने सीसीयू से आसाराम को व्हीलचेयर पर बैठाकर सोनाग्राफी कराने ले जाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में मौजूद पुलिस बल के बीच से कुछ समर्थक व अनुयायी भी अंदर पहुंच गए। आसाराम ने सभी का हाथ जोड़ अभिवादन स्वीकार किया। हालांकि पुलिस ने किसी समर्थक को नजदीक नहीं जाने दिया। उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि कई जांचें की गई हैं। अभी तक सभी रिपोर्ट सामान्य आई है। शाम तक उनकी शेष जांच की रिपोर्ट भी आ जाएगी। सब कुछ सामान्य रहा तो वापस जेल भेज दिया जाएगा।
एमडीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ. महेन्द्र आसेरी ने बताया कि आसाराम को दो दिन पहले सीने में दर्द की शिकायत पर अस्पताल में भर्ती किया गया था। उन्हें कार्डियक केयर यूनिट में रखा गया था। प्रोटोकॉल के अनुसार उनके ब्लड, इकोकार्डियोग्राफी, सोनोग्राफी, एक्सरे, ईसीजी आदि जांचे की गई है। सोनोग्राफी रिपोर्ट में ब्लडर में थोड़ा इंफेक्शन आया था। यूरोलॉजिस्ट की सलाह पर उन्हें एंटीबायोटिक और दवाएं दी गई है। उन्हें एंजोग्राफी कराने की सलाह दी गई है लेकिन उन्होंने मना कर दिया है। आज वे ठीक थे, इसलिए अस्पताल से छुट्टी कर दी है।

गुजरात और अन्य जगहों से पहुंच रहे अनुयायीअस्पताल में भर्ती आसाराम का हाल-चाल जानने उनके अनुयायी बड़ी संख्या में अलग-अलग समूहों में जोधपुर पहुंच रहे हैं। इनमें गुजरात से आए अनुयायी भी शामिल हैं। इनकी वजह से अस्पताल परिसर पूरी तरह से पुलिस छावनी बना दिया गया था। चप्पे-चप्पे पर तैनात पुलिस बल तैनात रहा। इस कारण यहां इलाज कराने आने वाले सामान्य मरीज व आसाराम के अनुयायियों के बीच अंतर करना बड़ी चुनौती है। ये अनुयायी अस्पताल के बाहर समूह में खड़े नहीं होकर इधर-उधर बिखरे हुए खड़े थे। अंदर घुसने का प्रयास कर रहे कई लोगों को पुलिस ने खदेड़ा। पुलिस ने कई बार हल्का बल प्रयोग कर उनको खदेड़ा है लेकिन आसाराम की एक झलक पाने को उनके समर्थक बार-बार अस्पताल में प्रवेश की कोशिश की।

अस्पताल के बाहर करने लगे पूजा अर्चना अनुयायीआसाराम के अनुयायियों ने उनके स्वास्थ्य लाभ के लिए अस्पताल के बाहर पूजा अर्चना की। किसी ने अस्पताल के बाहर ही भजन शुरू कर दिए तो किसी ने अस्पताल की दीवारों पर ही तिलक लगाकर पूजा की। जब तक आसाराम अस्पताल में रहे तब तक यह सिलसिला चलता रहा।

शिल्पी भी पहुंचीआसाराम मामले में सहआरोपी रही शिल्पी उर्फ संचिता भी एमडीएम अस्पताल उनसे मिलने पहुंची है। कोर्ट ने शिल्पी को बीस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी और इस समय वह जमानत पर है। अस्पताल में शिल्पी ने अपनी पहचान छिपाने की कोशिश भी की लेकिन मीडिया के पीछे पड़ जाने पर उसने अपना बयान दिया। काफी ना नुकर के बाद शिल्पी ने कहा कि ये कैसा न्याय है? जब अन्य लोगों को जमानत मिल रही है तो आसाराम को जमानत क्यों नहीं दी जा रही है। आसाराम हमारे दादा की उम्र के हैं। वह इस तरह का कोई काम नहीं कर सकते लेकिन उन पर किसी को दया नहीं आ रही है। उन पर लगे हुए सभी आरोप निराधार हैं। आज उनकी हालत देखिये। सात साल से अंदर हैं। आज तक उनको एक दिन के लिए भी जमानत नहीं दी जा रही है। मैं यह नहीं कहती कि हाईकोर्ट या सेशन कोर्ट ने गलत किया, लेकिन जब अन्य मामलों में लोगों को जमानत मिल रही है तो बापू को क्यों नहीं। उन्हें हार्ट की गंभीर बीमारी है। उनकी स्थिति को देखते हुए जमानत दी जानी चाहिये। हमें भी हाईकोर्ट ने जमानत प्रदान कर राहत दी है। मैं उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं।

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