– भीषण गर्मी और लू से लोगों को मिली राहत
कानपुर(हि.स.)। सूर्यदेव के तल्ख तेवरों से झुलसा रही गर्मी को लेकर लोग मानसून की तरफ आशा भरी निगाहों से देख रहे हैं। मानसून आने में भले ही कुछ देरी हो लेकिन प्री मानसून बारिश के आसार बढ़ गये हैं। गुरुवार को दिनभर आसमान में बादल छाये रहे और पांच डिग्री सेल्सियस तापमान गिर गया।
चन्द्रशेखर आजाद कृषि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ एस एन पाण्डेय ने बताया कि चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर बना हुआ है। इस चक्रवाती परिसंचरण से एक ट्रफ रेखा अरब सागर के मध्य भागों तक फैली हुई है। एक अन्य ट्रफ रेखा उत्तर पश्चिमी उत्तर प्रदेश से बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम होते हुए असम तक फैली हुई है। चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी और श्रीलंका के आसपास के हिस्सों पर बना हुआ है। एक ट्रफ रेखा बिहार से पूर्वी मध्य प्रदेश होते हुए तटीय आंध्र प्रदेश तक फैली हुई है।
बताया कि मौसम में अब बदलाव आ रहा है और आसमान में बादल छाने लगे हैं। यह बादल जल्द ही प्री मानसून की बारिश करेंगे, लेकिन मानसूनी बारिश 21 जून के बाद होगी। बादलों की आवाजाही से अधिकतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस गिर गया और 37.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान में भी पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट रही और 27.6 डिग्री तापमान रहा। सुबह की सापेक्षिक आर्द्रता 75 प्रतिशत और दोपहर की सापेक्षिक आर्द्रता 53 प्रतिशत रही। हवाओं की दिशाएं उत्तर पश्चिम रहीं जिनकी औसत गति 13.2 किमी प्रति घंटा रही। 19 जून हल्की बारिश के साथ उमस भरी गर्मी बनी रहने की संभावना है।
अजय
