– ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधा के लिए इसी साल से शुरू की गई है पहल
– रैपिड रिस्पांस टीम तुरंत गांव में पहुंचकर लेगी मरीज का ब्लड सेंपल
मुरादाबाद (हि.स.)। अब घर बैठे आशा की मदद से डेंगू-मलेरिया का इलाज हो सकेगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने खाका तैयार कर लिया है। इस नयी व्यवस्था के तहत इसी साल से काम शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही जून माह को मलेरिया रोधी माह के रूप में मनाया जाएगा। इसमें लोगों को मलेरिया से बचाव के तरीके बताकर जागरूक किया जाएगा।
जिला मलेरिया अधिकारी पीएन यादव ने बताया कि सबसे पहले आशा के जरिए गांव में बुखार रोगी की खोज की जाएगी। आशा को घर-घर जाकर सर्वे करके बताना होगा कि उनके गांव में कितने बुखार के मरीज हैं। रोगी मिलने पर आशा ब्लॉक स्तर पर टीम को रिपोर्ट करेगी। इसके बाद ब्लॉक स्तरीय रैपिड रेस्पांस टीम उस गांव में पहुंचेगी। यह टीम मरीज का ब्लड सैंपर मलेरिया की जांच करेगी। मलेरिया की रिपोर्ट निगेटिव आने पर मरीज का ब्लड सैंपल लेकर जिला अस्पताल भेजा जाएगा। जहां डेंगू, चिकनगुनिया, स्क्रब टाइफस, लेप्लोस्पाइरेसिस, की जांच होगी। मरीज में डेंगू व चिकनगुनिया की पुष्टि होने पर तुरंत मलेरिया विभाग मरीज के इलाज के लिए प्रबंध करेगा। इससे पहले मरीज को बुखार की दवा देकर रैपिड रिस्पांस टीम आइसोलेट कर देगी। अगर किसी घर में मलेरिया का मरीज पाया जाता है तो उस घर के दायरे में आने वाले लगभग 50 घरों के आसपास फाॅगिंग कराई जाएगी। इसके साथ ही नाली में एंटी लार्वा का छिड़काव किया जाएगा।
मलेरिया रोधी माह के रूप में मनेगा जून : जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया जुलाई में बरसात शुरू हो जाती है। इसी महीने में ठहरे हुए पानी में डेंगू व मलेरिया के मच्छर पनपते हैं। लोगों को बरसात के मौसम से पहले ही जागरूक करने के उद्देश्य से मलेरिया रोधी माह मनाया जा रहा है। इस माह में मलेरिया से बचाव के लिए शीघ्र निदान एवं त्वरित उपचार पर विशेष बल दिया जाएगा। एक से 30 जून तक चलने वाले मलेरिया रोधी माह में जन समुदाय को मच्छर (वेक्टर) के प्रजनन स्थल जैसे जल पात्रों को खाली कराने, कूलर, पानी के टैंक, गमले, पशु पक्षियों के पीने के पात्र व प्रयोग में न आने वाली सामग्री नारियल के खोल, प्लास्टिक की कप, बोतल व अन्य निष्प्रयोज्य सामग्री को समाप्त करने के संबंध में लोगों को अवगत कराया जाएगा। गांव स्तर पर मलेरिया रोग की त्वरित पहचान कराते हुए उसे उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने की जिम्मेदारी आशा और एनएम को दी गयी है। ग्राम स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समिति के माध्यम से मलेरिया रोग से बचाव, उपचार, समय से रोगी को रेफर करने की सतत निगरानी कराई जाएगी। इस माह में इस बात पर विशेष बल दिया जाएगा कि मलेरिया रोग की शीघ्र पहचान की जाए और जटिल मलेरिया (पीएफ) रोगियों को निकटतम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर शीघ्र पहुंचाया जाए। मलेरिया रोधी माह के दौरान स्लोगन लिखे जाएंगे।
जनपद में चलाया जा रहा है जनजागरण अभियान : मलेरिया विभाग की ओर से जनपद में जगह जगह पर गोष्ठी के माध्यम से जनजागरण अभियान भी चलाया जा रहा है। जून माह में विभाग की ओर से रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस अड्डा, शहर कोतवाली और नगर निगम कार्यालय में पहुंच कर लोगों को जागरूक किया गया है। यहां लोगों को एकत्रित कर उन्हें मलेरिया के बारे में जागरूक करने के लिए पंपलेट बांटे गए हैं।
निमित जायसवाल
