Friday, April 3, 2026
Homeराष्ट्रीयआर्य समाज का मैरिज सर्टिफिकेट वैध है अवैध, जानें SC ने क्या...

आर्य समाज का मैरिज सर्टिफिकेट वैध है अवैध, जानें SC ने क्या कहा

नेशनल डेस्क

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने आर्य समाज की ओर से जारी किए जाने वाले शादियों के प्रमाण पत्रों को अवैध करार दिया है। अदालत ने शुक्रवार को एक केस की सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। आर्य समाज की स्थापना हिंदू समाज सुधारक दयानंद सरस्वती ने 1875 में की थी। जस्टिस अजय रस्तोगी और बीवी नागारत्ना की बेंच ने कहा कि आर्य समाज का काम और उसका अधिकार क्षेत्र शादियों के सर्टिफिकेट जारी करना नहीं है। अदालत ने कहा कि यह काम कोई सक्षम प्राधिकारी ही कर सकता है। मध्य प्रदेश में हुए एक प्रेम विवाह के मामले में सुनवाई करते हुए अदालत ने यह टिप्पणी की। इस मामले में लड़की के परिवार ने पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई थी और एक शख्स पर आरोप लगाया था कि उसने उनकी बेटी को किडनैप किया और उसका रेप किया है। उन्होंने अपनी शिकायत में बेटी को नाबालिग बताया था। इस मामले में पॉक्सो ऐक्ट के तहत केस दर्ज हुआ था। इस पर युवक ने अर्जी दाखिल कर दावा किया था कि उसके साथ आई लड़की बालिग है और दोनों ने शादी कर ली है। शख्स का कहना था कि क्योंकि हम दोनों ही बालिग हैं। इसलिए हमारे पास शादी करने का अधिकार है। उसका कहना था कि हम दोनों आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली है।

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने दिया था क्या आदेश

युवक ने अपने दावे के पक्ष में वह मैरिज सर्टिफिकेट भी दिखाया था, जिसे आर्य समाज की संस्था सेंट्रल भारतीय आर्य प्रतिनिधि सभा ने जारी किया था। इस प्रमाण पत्र को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है और आर्य समाज की ओर से शादियों का सर्टिफिकेट जारी किए जाने पर ही सवाल उठाए हैं। दरअसल मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने इस मामले में आर्य समाज के सर्टिफिकेट को खारिज नहीं किया था। हालांकि उसने आर्य समाज के संगठन को आदेश दिया था कि वह सर्टिफिकेट सर्टिफिकेट जारी करने की प्रक्रिया में स्पेशल मैरिज ऐक्ट, 1954 के सेक्शन 5, 6, 7 और 8 को भी शामिल कर ले। हाई कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ ही सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई थी। इस पर सुनवाई करते हुए उच्चतम न्यायालय ने पहले ही हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी थी। अब उसके सर्टिफिकेट जारी करने के अधिकारी को भी खारिज कर दिया है। आर्य समाज ने केस की सुनवाई के दौरान दलील दी थी कि 1937 से ही उसके मंदिरों में शादियां हो रही हैं और उन्हें वैधता दी जाती रही है। उसका यह भी कहना था कि स्पेशल मैरिज ऐक्ट के प्रावधानों को शामिल करना उसके लिए जरूरी नहीं है। उसका कहना था कि यदि दोनों में से कोई भी एक हिंदू है तो वह आर्य समाज मंदिर में शादी कर सकते हैं।

यह भी पढें : हिंसा वाले इलाके में अघोषित कर्फ्यू, 35 जख्मी, 22 गिरफ्तार

महत्वपूर्ण सूचना

गोंडा जिले के युवा जिलाधिकारी डा. उज्ज्वल कुमार और नवागत सीडीओ गौरव कुमार की अगुवाई में जिले में बड़े बदलाव की कोशिशें शुरू कर दी गई हैं। दोनों युवा अधिकारी Transforming Gonda के नारे के साथ जिले के चाल, चरित्र और चेहरे में आमूल चूल परिवर्तन लाना चाहते हैं। जिले के विकास के लिए शुरू की गई अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं इसी दिशा में किए जा रहे कोशिशों का परिणाम है। आगामी 21 जून को जब पूरा विश्व योग दिवस मना रहा होगा, तब योग के प्रणेता महर्षि पतंजलि की जन्म स्थली पर इन दोनों अधिकारियों ने कुछ विशेष करने का निर्णय लिया है। लक्ष्य है कि जिले की बड़ी आबादी को उस दिन योग से जोड़ा जाय। इस क्रम में अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस को सफल बनाने के लिए जनपद के ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ने के लिए YOGA DAY GONDA नाम से एक फेसबुक पेज बनाया गया है। जिला प्रशासन की तरफ से जरूरी सूचनाएं, गतिविधियों आदि की जानकारी व फोटोग्राफ इत्यादि इसी पेज पर शेयर किए जाएंगे। कृपया आप इसका महत्वपूर्ण हिस्सा बनते हुए इससे जुड़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके पेज को LIKE करें तथा अपने परिचितों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करें।

https://www.facebook.com/YOGA-DAY-GONDA-104340082292555

RELATED ARTICLES

Most Popular