Sunday, April 12, 2026
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आरबीआई की एमपीसी बैठक शुरू, ब्याज दर में 0.25 फीसदी इजाफा संभव

-रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांत दास 8 फरवरी को करेंगे बैठक के नतीजे का ऐलान

नई दिल्ली/मुंबई (हि.स.)। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) की तीन दिवसीय मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की द्विमासिक समीक्षा बैठक आज शुरू हो गई। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी आठ फरवरी को सार्वजनिक करेंगे। रिजर्व बैंक महंगाई को काबू में करने के लिए रेपो दर में एक बार फिर 0.25 फीसदी का इजाफा कर सकता है।

आर्थिक मामलों के जानकारों का कहना है कि आरबीआई नीतिगत ब्याज दरों में वृद्धि पर आने वाले दिनों में बहुत हद तक उदार रुख अपना सकता है। खुदरा महंगाई दर में नरमी के संकेत और फेडरल रिजर्व के प्रमुख ब्याज दरों की बढ़ोतरी की गति धीमा करने से ऐसे संकेत मिल रहे हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि आरबीआई द्विमासिक एमपीसी की बैठक के दौरान रेपो दर में 0.25 फीसदी की मामूली इजाफा कर सकता है। जानकारों की माने तो इसके बाद पूरे साल नीतिगत ब्याज दर बढ़ोतरी का अनुमान नहीं है। एमपीसी की बैठक हर दो महीने में होती है।

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास एमपीसी की द्विमासिक समीक्षा बैठक के बाद आठ फरवरी को नीतिगत ब्याज दर में बढ़ोतरी का ऐलान कर सकते हैं। रिजर्व बैंक ने पिछले साल मई से दिसंबर तक महंगाई दर को नियंत्रित करने के लिए रेपो दर में 2.25 फीसदी की बढ़ोतरी की है।

रिजर्व बैंक को रेपो दर में यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में आए व्यवधान की वजह से करनी पड़ी। आरबीआई नीतिगत ब्याज दर में मई, 2022 से अभी तक पांच बार बढ़ोतरी कर चुका है।

इससे पहले रिजर्व बैंक ने बीते साल दिसंबर 2022 में रेपो दर में 0.35 फीसदी का इजाफा किया था। केंद्रीय बैंक ने इससे पहले तीन बार रेपो दर 0.50 फीसदी तक बढ़ाई थी। चालू वित्त वर्ष की पहली एमपीसी बैठक अप्रैल में हुई थी, जिसमें आरबीआई ने रेपो दर को 4 फीसदी पर स्थिर रखा था, लेकिन 2 और 3 मई को आपात बैठक बुलाकर रिजर्व बैंक ने रेपो दर में 0.40 फीसदी का इजाफा किया था। इस तरह रेपो दर 4 फीसदी से बढ़कर 6.25 फीसदी पर पहुंचा गया है।

रेपो दर में बढ़ोतरी से बैंकों के लिए आरबीआई से पैसा लेना महंगा हो जाता है। इसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ता है। रेपो दर में इजाफे के बाद बैंक भी ग्राहकों के लिए कर्ज महंगा कर देते हैं। फिलहाल होम लोन की ब्याज दर 8.50 फीसदी से ऊपर है। जानकारों का कहना है कि एक बार फिर नीतिगत ब्याज दर बढ़ने से होम लोन और महंगा होने की आशंका है।

प्रजेश शंकर

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