Sunday, April 12, 2026
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आम बजट 2022-23: आम बजट एक प्रगतिशील आर्थिक दस्तावेज: कैट

-वित्त मंत्री सीतारमण के आम बजट को कैट ने दिए 10 में से 8 अंक

नई दिल्ली (हि.स.)। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत वित्त वर्ष 2022-23 के आम बजट को एक व्यापक और प्रगतिशील बजट दस्तावेज बताया है। कैट ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि बजट संरचित तरीके से प्रत्येक क्षेत्र के विकास को सुनिश्चित तो करता है। वहीं, व्यापार एवं लघु उद्योग के चरणबद्ध विकास, स्वास्थ्य क्षेत्र और सेवाओं में मजबूत विकास के पैरामीटर्स को भी रेखांकित करता है। कारोबारी संगठन के मुताबिक कुल मिलाकर हम इसे एक संपूर्ण विकासशील बजट भी कह सकते है।

कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने आम बजट 2022-23 पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा 5 लाख करोड़ रुपये के साथ ईसीजीएल योजना के विस्तार, पीएलआई योजना को विभिन्न क्षेत्रों से जोड़ने सहित कई नई घोषणाओं से न केवल छोटी विनिर्माण इकाइयों को लाभ होगा, बल्कि व्यापार क्षेत्र का भी लाभ होगा। उन्होंने कहा कि विनिर्माण सामान और उपभोग योग्य आय में वृद्धि से अर्थव्यवस्था को लाभ तो पहुंचेगा। इससे व्यापार क्षेत्र में वित्तीय तरलता बढ़ने की बड़ी संभावनाएं भी मौजूद रहेंगी।

खंडेलवाल ने कहा कि मौजूदा हालात में आम बजट के जरिए वित्त मंत्री ने अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने का प्रयास किया गया है। उन्होंने निर्मला सीतारमण की प्रतिभा की सराहना की सराहना करते हुए कहा कि कोरोना की बड़ी बाधाओं, घरेलू और वैश्विक चुनौतियों के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परिकल्पित भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास और भविष्य के एजेंडे को प्रभावशाली तरीके से बजट में रखा गया है। खंडेलवाल ने कहा कि इसके लिए वित्त मंत्री को देश के व्यापारी समुदाय 10 में से अंक दे रहा है, जिसकी वो हकदार हैं।

कैट महामंत्री ने कहा कि हालांकि, हमें खेद है कि जीएसटी कर ढांचे के सरलीकरण और युक्तिकरण के संबंध में कुछ भी ठोस घोषणा नहीं की गई है, जो “एक बाजार-एक कर” के सिद्धांत के विपरीत है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों के लिए आयकर के संबंधित कॉर्पोरेट क्षेत्र के बराबर रखने की कोई घोषणा नहीं की गई है। इसके साथ ही ई-कॉमर्स की मनमानी पर भी कोई बात बजट में न कहने से देशभर के व्यापारियों में बहुत निराशा है।

हालांकि, खंडेलवाल ने बजट को एक दूरदर्शी बजट बताते हुए कहा कि युवाओ में बढ़ते उत्साह को देखते हुए डिजिटल करेंसी और क्रिप्टो मुद्रा को इस बजट में प्राथमिकता पर लिया गया है। इसके साथ ही 2 लाख आंगनबाडी और डिजिटल बैंकिंग का डिजिटलीकरण ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर तरीके से जोड़ेगा। इसके जरिए बाजार में पैसा आने की संभावनाएं बढ़ेंगी। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी की पृष्ठभूमि में सरकार ने एक सर्वोत्तम संभव बजट देने का प्रयास किया है। इसकेलिए हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बधाई देते हैं, जिन्होंने भारत के एक मजबूत और सुपरिभाषित विकास के लिए एक निश्चित रोडमैप प्रदान करने की पहल की है।

प्रजेश शंकर

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