Thursday, April 2, 2026
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आम के बौर में भुनगा कीट दिखे तो इमिडाक्लोप्रिड का करें छिड़काव

कानपुर(हि.स.)। आम के पौधों पर मंजर अर्थात बौर का समय आ गया है। इस दौरान भुनगा कीट का हमला तेज हो जाता है। कीटों के हमले से आम के उत्पादन में कमी हो जाती है। कीटों के हमले से सुरक्षा के लिए इमिडाक्लोप्रिड दवा का छिड़काव करना चाहिए। यह जानकारी बुधवार को उद्यान वैज्ञानिक डॉ.अनिल कुमार सिंह ने दी।

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में आम की विभिन्न प्रजातियों तथा उस समय के तापक्रम पर निर्धारित होता है। जब आम के पौधों पर मंजर बौर आते हैं। तो हापर या भुनगा कीटों का हमला काफी संख्या में करते हैं।

आम के बौर से रस चूसते हैं भुनगा कीट

चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के प्रसार निदेशालय के उद्यान वैज्ञानिक डॉ. अनिल कुमार सिंह ने बागवान भाइयों को जानकारी देते हुए बताया कि आम के बौर से भुनगा कीट रस चूसते हैं। जिसका परिणाम होता है कि मंजरी (बौर) झड़ जाता है और आम का उत्पादन कम हो जाता है।

भुनगा कीट से बचाव के लिए इमिडाक्लोप्रिड का करें छिड़काव

डॉ. अनिल कुमार सिंह ने आम के बौर को सुरक्षित करने के लिए बागवान भाइयों के लिए सलाह दी है कि प्रति मंजर (बोर) 10 से 12 भुनगा कीट दिखाई दे तो इमिडाक्लोप्रिड 17.8 एसएल 1 मिलीलीटर दवा प्रति 2 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव कर दें। जिससे आम की फसल को सुरक्षित रखने में आसानी होगी।

आम के बौर में खर्रा रोग का भी होता है प्रकोप

उन्होंने बताया कि खर्रा रोग से बचाव के लिए बौर आने के पूर्व घुलनशील गंधक 2 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। जब आम में पूरी तरह फल लग जाए तब इस रोग के से बचाव के लिए हेक्साकोनाजोल 1 मिलीलीटर दवा प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। उन्होंने आगे बताया की आम में जब फल मटर के दाने के समान हो जाएं तो बाग में सिंचाई अवश्य कर देनी चाहिए तथा मिट्टी में नमी बरकरार रखना चाहिए । उसके पहले सिंचाई न करें अन्यथा फल झड़ जाते हैं।

राम बहादुर

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