दो दिवसीय सेमिनार में सरकार से की मांग, हर जिले में गठित हो मेडिकल डिजास्टर मैनेजमेंट सेल
लखनऊ (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के चिकित्सा जगत में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) के गुर्दा विभाग ने संस्थान परिसर में दो दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया । इस सेमिनार की थीम हेल्थ फॉर ऑल रही । इस सेमिनार में गुर्दा विभाग ने एक नेक पहल करते हुए आपदा के समय गुर्दा रोगियों की जान बचाने का संकल्प लिया।
इंटरनेशनल सोसायटी आफ नेफ्रोलॉजी और इंडिया सोसायटी आफ नेफ्रोलॉजी का दो दिवसीय सेमिनार 17 और 18 मार्च आयोजित हुआ जिस में प्राकृतिक आपदा के समय गुर्दा रोगियों के लिए हर जिले में मेडिकल डिजास्टर मैनेजमेंट सेल के गठन की भी मांग की गई।
एसजीपीजीआई के नेफ्रोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ नारायण प्रसाद ने सरकार व पॉलिसी मेकर को महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए कहा कि हर जिले में मेडिकल डिजास्टर मैनेजमेंट सेल का गठन होना चाहिए। प्राकृतिक आपदा के समय गुर्दा रोगियों को समय से इलाज न मिल पाने और डायलिसिस ना हो पाने के कारण जान जाने का खतरा बना रहता है जिसके लिए हमने सरकार से मांग की है कि हर जिले में एक ऐसा मेडिकल डिजास्टर सेल बने जिससे प्राकृतिक आपदा के समय गुर्दा के रोगियों की हर संभव मदद और इलाज की जा सके।
गुर्दा रोगियों के इलाज और गुर्दा प्रत्यारोपण में एसजीपीजीआई के एचओडी डॉक्टर नारायण प्रसाद की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। गुर्दा रोगियों के लिए हमेशा तत्पर रहने वाले डॉ प्रसाद ने एक बार फिर एक महत्वपूर्ण पहल की है। अक्सर देखा जाता है कि प्राकृतिक आपदा के समय गुर्दा रोगियों के डायलिसिस और इलाज में तमाम समस्याएं आ जाती हैं जिससे कभी कभी इलाज ना मिल पाने के कारण उनकी मौत हो जाती है इसी के चलते डॉक्टर नारायण प्रसाद ने हर जिले में एक ऐसे मेडिकल डिजास्टर सेल की मांग की है जिससे ऐसे विपरीत परिस्थितियों में गुर्दा रोगियों को सही लाभ मिल सके।
वेद नारायण/बृजनन्दन
