– अब तक सात हजार से अधिक कम्बल बांट चुके हैं
झांसी (हि.स.)। आधी रात के बाद जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने शीत लहर और घने कोहरे के चलते बेसहारा लोगों की समस्याओं को जानने के लिए महानगर के विभिन्न स्थलों का भ्रमण किया। रेलवे स्टेशन का भ्रमण करते हुए सो रहे लोगों से वार्ता की और ठंड से बचने के लिए बसेरे में शिफ्ट होने का सुझाव देते हुए कंबल दिए।
जिलाधिकारी कड़ाके की सर्दी एवं कोहरे में वह रेलवे स्टेशन रोड पर पहुंचे। उन्होंने रेलवे स्टेशन रोड के फुटपाथ पर एवं रेलवे शेड के नीचे खुले में सो रहे व्यक्तियों का भी हालचाल लिया और उन्हें सर्दी से बचाव के लिए कम्बल वितरित किये। उन्होंने बताया कि अब तक सात हजार से अधिक कंबल बांटे जा चुके हैं।
जिलाधिकारी ने लोगों से संवाद करते हुए उक्त व्यक्तियों को निकट के रैन बसेरे में आश्रय प्राप्त करने की अपील की। उन्होंने उपरोक्त व्यक्तियों को बताया कि वे निकट चित्रा चौराहा एवं बस स्टेशन पर बने रैन बसेरे में आश्रय प्राप्त करें, जहां गद्दा, रजाई, गर्म पानी आदि सर्दी से बचाव की समस्त सुविधायें उपलब्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि उक्त रैन बसेरे में ठहरने के लिए उन्हें कोई पैसा भी नहीं देना होगा। साथ ही उन्होंने रैन बसेरे में ठहरने के इच्छुक लोगों को रैन बसेरा ले जाने के निर्देश दिए। साथ ही कुछेक लोगों को अपनी गाड़ी से रैन बसेरा तक छुड़वाया। इसके अतिरिक्त उन्होंने रेलवे चित्रा चौराहा से रेलवे स्टेशन मार्ग एवं रेलवे स्टेशन मार्ग से इलाइट मार्ग का पैदल भ्रमण किया तथा रेलवे स्टेशन पर यात्रा करने वाले व्यक्तियों के सर्दी हेतु किये गये इंतजाम को देखा तथा रेलवे स्टेशन चौराहे पर अलाव की व्यवस्था कराये जाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कड़ी ठंड में भ्रमण करते हुए कहा कि समस्त उपजिलाधिकारी क्षेत्र का भ्रमण करते हुए यह सुनिश्चित करें कि कोई भी व्यक्ति खुले में सोता हुआ न पाया जाए। ऐसे निराश्रित व्यक्तियों को तत्काल रैन बसेरा में सिफ्ट किया जाए ताकि उन्हें ठंड से बचाया जा सके। जिलाधिकारी ने समस्त प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान यदि कोई निराश्रित गरीब निर्धन निर्बल व्यक्ति ठंड से पीड़ित पाया जाता है तो तत्काल उसे कंबल वितरण करना सुनिश्चित करें। इस अवसर पर उनके साथ एसीएम अतुल कुमार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
अब तक बांट चुके हैं सात हजार कंबल
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि अब तक वह सात हजार से अधिक कंबल लोगों को बांट चुके हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने यही बताया कि महानगर समेत पूरे जिले में कुल 19 रेन बसेरे बनाए गए हैं। किसी भी हालत में लोगों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
महेश
