लखनऊ (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शुक्रवार को राजभवन स्थित प्रज्ञाकक्ष में किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के नैक मूल्यांकन के लिए पियर टीम के अवलोकनार्थ तैयार प्रस्तुतिकरण की समीक्षा की।
उन्होंने केजीएमयू की नैक तैयारी के लिए गठित टीम का उत्साहवर्द्धन करते हुए कहा कि पूरे आत्मविश्वास के साथ नैक के उच्चतम ग्रेड ‘ए़़’ प्लस-प्लस की अपेक्षा से पियर टीम के समक्ष प्रस्तुतिकरण करें।
राज्यपाल ने प्रस्तुतिकरण को क्राइटेरिया वाइज बनाने का सुझाव दिया और कहा कि सभी बिंदुओं पर गतिविधि युक्त फोटो से अपनी प्रस्तुति को प्रमाणित भी करें। उन्होंने सुझाव दिया कि पियर टीम के सुलभ संदर्भ के लिए कम्प्यूटराइज्ड प्रस्तुति के विवरण की पुस्तिकाएं भी बना ली जाएं, जिससे पियर टीम को पुनरावलोकन की सुविधा प्राप्त हो सके।
विश्वविद्यालय के प्रस्तुतिकरण को सुदृढ़, बिंदुवार और सटीक बनाने की दृष्टि से राज्यपाल ने सुझाव दिया कि देश के नैक एक्रीडेटेड अन्य विश्वविद्यालयों के अनुभवों को साझा करके पियर टीम विजिट से पूर्व अपनी व्यवस्थाएं सुदृढ़ कर लें तथा प्रस्तुतिकरण में यथोचित सुधार भी कर लें।
आगे कहा कि केजीएमयू प्रदेश का ऐसा चिकित्सा विश्वविद्यालय है, जिसे देश ही नहीं, विश्व स्तर पर पहचाना जाना हैं। इसलिए इस विश्वविद्यालय को सिर्फ नैक ही नहीं, क्यूएस वर्ल्ड यूनिसर्सिटी रैंकिंग के लिए भी प्रयास करना चाहिए।
राज्यपाल ने इसी क्रम में केजीएमयू में नई चिकित्सा सुविधाओं से मरीजों को लाभ, गोद लिए गांवों में आए बदलाव, विश्वविद्यालय के कम्यूनिटी रेडियो से गांवों में जागरूकता, ‘‘मिशन लाइफ’’ की विश्वविद्यालय परिसर में गतिविधि, महिला अध्ययन केन्द्र की गतिविधियों का विवरण और फोटो, प्रधानमंत्री से प्राप्त सम्मानों का विस्तृत एवं फोटो-ऑडियो युक्त विवरण, टेली-मेडिसिन की सुविधा का विवरण, मरीज केंद्रित विश्वविद्यालय की पुष्टि, विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और मरीजों के लिए बढ़ाई गई सुविधाओं जैसे अन्य बिंदु भी विवरण सहित प्रस्तुतिकरण में बढ़ाने का सुझाव दिया।
दीपक
