अमृत दिवस पर चित्र प्रदर्शनी, संगोष्ठी और प्रतियोगिताओं का समापन
प्रयागराज, 26 दिसम्बर (हि.स.)। आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत स्वतंत्रता संग्राम के उन नायकों के बारे में भी जनसामान्य को जानकारी दी जाने का प्रयास किया जा रहा है, जिन्हें इतिहास के पन्नों में जगह नहीं मिली थी। आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के निर्माण का सपना आजादी के संघर्षों के इतिहास से प्रेरणा लेकर ही पूरी की जा सकती है, जिसके लिए सरकार संकल्पित है।
यह बातें विधायक गुरू प्रसाद मौर्य ने रानी रेवती देवी सरस्वती विद्या निकेतन इण्टर कॉलेज, राजापुर में आयोजित दो दिवसीय चित्र प्रदर्शनी, संगोष्ठी और प्रतियोगिताओं के समापन समारोह में सम्बोधित करते हुए कही। उन्होंने छात्र छात्राओं का आवाह्न भी किया कि वे प्रदर्शनियों के माध्यम से दी जा रही जानकारियों को आत्मसात करें और आगे बढ़ने की प्रेरणा लें।
केन्द्रीय संचार ब्यूरो, सूचना और प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार प्रयागराज द्वारा संचालित तीन दिवसीय आजादी का अमृत महोत्सव और सुशासन दिवस प्रचार अभियान व चित्र प्रदर्शनी में विद्यालय प्रबन्ध समिति के सचिव और हंडिया पी.जी.कालेज के पूर्व प्राचार्य डॉ रघुराज प्रताप सिंह ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए छात्र-छात्राओं को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास की जानकारी होनी चाहिए।
विशिष्ट अतिथि सुनील कुमार शुक्ल ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के प्रतिभागियों और विद्यालय के शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि इसप्रकार की प्रदर्शनी से आमजन विशेषकर नई पीढ़ी को अपने स्वतंत्रता सेनानियों को जानने का मौका मिलता है। ब्यूरो के उपनिदेशक आरिफ हुसैन रिजवी ने श्रीमौर्य और डॉ सिंह को अंगवस्त्रम और स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया।
कालेज के प्रधानाचार्य बांके बिहारी पाण्डेय ने कहा कि प्रदर्शनियों के माध्यम से देश के इतिहास की जानकारी छात्र-छात्राओं को बेहतर तरीके से दी जा सकती है। उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं में सफल छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत भी किया। संचालन करते हुए ब्यूरो के वरिष्ठ सहायक राममूरत विश्वकर्मा द्वारा प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता की गयी। कुल 25 प्रतिभागियों को पुरस्कार व प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। इस दौरान प्रमुख रूप से नेहरू युवा केन्द्र प्रयागराज के निर्मल कांत पाण्डेय, विद्यालय की शिक्षिका रिचा गोस्वामी, मनोज गुप्ता, दिनेश कुमार शुक्ल, पायल जायसवाल, रुचि चन्द्रा, रिमिशा यादव, अर्चना राय, ओमप्रकाश विश्वकर्मा आदि उपस्थित रहे।
विद्या कान्त
