-44वीं राष्ट्रीय जूनियर बालिका हैंडबॉल चैम्पियनशिप का आयोजन 8 से 12 सितम्बर तक
-32 राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशों की टीमें लेगी भाग, दो पालियों में होगा मैच
लखनऊ (हि.स.)। कोरोना काल के बाद लखनऊ में पहली हैंडबॉल चैम्पियनशिप अगले माह आयोजित होगी। यूपी हैंडबॉल एसोसिएशन व उत्तर प्रदेश खेल विकास व प्रोत्साहन समिति के तत्वावधान में आठ से 12 सितम्बर तक होने वाली 44वीं राष्ट्रीय जूनियर बालिका हैंडबॉल चैम्पियनशिप के मुकाबले केडी सिंह बाबू स्टेडियम में खेले जाएंगे। इस प्रतियोगिता की मेजबानी हैंडबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया ने लखनऊ को दी है।
इस बारे मेें शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में हैंडबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के कार्यकारी निदेशक व उत्तर प्रदेश हैंडबॉल एसोसिएशन के महासचिव व आयोजन सचिव डाक्टर आनन्देश्वर पाण्डेय ने बताया कि चैम्पियनशिप में मेजबान यूपी सहित 32 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की टीमें भाग लेगी। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के बाद पहली बार लखनऊ में राष्ट्रीय स्तर की हैंडबॉल चैम्पियनशिप हो रही है। लीग कम नाकआउट आधार पर होने वाली इस चैम्पियनशिप के लिए तैयारियां तेज गति से चल रही हैं और इसके मैच सुबह व शाम की पालियों में खेले जाएंगे।
डाॅ. आनन्देश्वर पाण्डेय ने कहा कि चैम्पियनशिप कोरोना प्रोटोकॉल के सख्त दायरे में होगी जिसमें वैक्सीनेशन की दोनों डोज लेने का प्रमाणपत्र या आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट लाना अनिवार्य होगा। चैम्पियनशिप के प्रायोजक बीबीडी ग्रुप, बाबू सुंदर सिंह ग्रुप इंस्टीट्यूशन व इरम स्कूल होंगे। कानपुर में गत अप्रैल में हुए चैम्पियनशिप के पिछले संस्करण में आर्यावर्त स्पोर्ट्स अकादमी (हिमाचल प्रदेश) की टीम विजेता व हरियाणा की टीम उपविजेता रही थी।
हैंडबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के कोषाध्यक्ष विनय कुमार सिंह के साथ यूपी हैंडबॉल एसोसिएशन के चेयरमैन डाॅ.सुधीर एम.बोबडे, यूपी हैंडबॉल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष निशांत जायसवाल, बाबू सुंदर सिंह एजुकेशन सोसायटी के चेयरमैन आनंद शेखर सिंह, बीबीडी ग्रुप से सुधर्मा सिंह, ईरम स्कूल के निदेशक ख्वाजा फैजी यूनुस भी मौजूद थे।
