-रामपुर सीट पर उम्मीदवार नहीं उतारने का फैसला
लखनऊ (हि.स.)। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) आजमगढ़ लोकसभा क्षेत्र के उपचुनाव में अपना उम्मीदवार उतारेगी, जबकि रामपुर लोकसभा क्षेत्र से चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है। बसपा ने यह फैसला पार्टी के जिला एवं मंडल स्तर के पदाधिकारियों की दो दिवसीय समीक्षा बैठक में लिया। बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती भी मौजूद रहीं।
इन दो सीटों के उपचुनाव को लेकर बसपा का तर्क है कि आजमगढ़ में पार्टी की तैयारी है, लेकिन रामपुर में पार्टी को अभी और काम करने की जरूरत है। बैठक में बसपा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि जिस प्रकार से कांग्रेस को उखाड़ फेकने का कार्य बसपा ने किया था, उसी प्रकार भाजपा की जड़ों को हिलाने की तातक सिर्फ बसपा में ही है। मायावती ने कहा कि बसपा सीमित संसाधनों वाली पार्टी है। पार्टी को नुमाइश और शाह खर्ची वाली बैठकों से दूर रहकर छोटी-छोटी कैडर बैठकों की योजना बनानी होगी।
मायावती ने कहा कि हाल में संपन्न उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में अपेक्षित रिजल्ट का नहीं आना किसी दुर्घटना से कम नहीं है। मायावती ने कहा कि राजनीति और मिशन इसी उतार-चढ़ाव का ही नाम है। इसको समझ कर ही आगे बढ़ते रहना है। हमें हिम्मत कतई नहीं हारना है। कोई एक राजनीतिक घटनाक्रम पार्टी में दोबारा जान फूंक देगा।
बसपा अध्यक्ष मायावती ने कहा कि इस विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद सभी को यह अंदाजा है कि बसपा ही सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय की सच्ची पार्टी है। इसके लिए हर प्रकार की कुर्बानी की भी देने को तैयार रहती है। अपने इसी संकल्प के आधार पर यूपी में पहले कांग्रेस को जड़ से उखाड़ने और अब भाजपा की जड़ को हिलाने का ताकत इसके अंदर मौजूद है। अगर मुस्लिम समाज का वोट सपा की बजाय बसपा को मिल गया होता तो प्रदेश का राजनीतिक परिदृश्य कुछ और ही होता। मायावती ने संगठन को मजबूत करने के लिए वरिष्ठ पदाधिकारियों को बढ़ चढ़कर काम करने को कहा।
आजमगढ़ लोकसभा सीट सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के इस्तीफे के चलते रिक्त हुई है, जबकि रामपुर सीट आजम खान के इस्तीफा देने के कारण रिक्त हुई है।
दिलीप शुक्ल
