– दो दिन पूर्व फरिहा चौकी प्रभारी व एक आरक्षी हुआ था निलंबित
आजमगढ़ (हि.स.)। पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने महिला अपराध में शिथिलता बरतने पर फरिहा पुलिस चौकी में तैनात 15 पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया। इससे पहले चौकी प्रभारी और एक सिपाही निलंबित किए गए थे।
गंभीरपुर थानाक्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने कुछ दिनों पूर्व जन सुनवाई में एसपी से फरियाद लगाई थी कि उसकी पुत्री घर से कुछ रुपये और मोबाइल लेकर गायब हो गई थी। युवती को फरिहा पुलिस चौकी के प्रभारी ज्ञान प्रकाश तिवारी की टीम ने पकड़कर परिजनों को सुपुर्द किया। इस दौरान पुलिस ने युवती के मोबाइल फोन को दिया, लेकिन रुपये वापस नहीं लौटाए।
पीड़िता की फरियाद सुनने के बाद उसे न्याय दिलाने का भरोसा दिलाते हुए पुलिस कप्तान ने एसपी यातायात सुधीर जायसवाल को पूरे प्रकरणक जांच सौंपी। उनकी ओर से प्रेषित की गई रिपोर्ट के मुताबिक, चौकी प्रभारी ज्ञान प्रकाश तिवारी और आरक्षी सौरभ पांडेय दोषी पाये गये। वहीं, जांच में सभी का तो दोष निर्धारण नहीं हुआ, लेकिन इस प्रकरण में चौकी पर मौजूद समस्त कर्मचारियों की असंवेदनशीलता प्रतीत हुई है। इसके बाद अनुराग आर्य ने चौकी में तैनात 15 पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। इससे पहले युवती से धन रखने के दोषी पाये गये चौकी प्रभारी और एक आरक्षी को निलंबित किया गया था।
उन्होंने बताया कि गायब युवती को फरिहा चौकी प्रभारी ने बरामद करने के बाद उसे परिवार के सुपुर्द किया था। घरवालों का आरोप था कि लड़की तो उन्हें मिल गई,लेकिन अपने साथ ले गई रकम नहीं मिली। पुलिस ने पैसे लेने का आरोप लगा तो इसकी जांच करायी गई। इसमें दोषी पाये गए प्रभारी निरीक्षक समेत दो पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया था। शेष चौकी में तैनात पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है।
राजीव/दीपक
