आगरा (हि.स.)। ताज नगरी में मंगलवार को गणतंत्र दिवस के अवसर पर नए कृषि कानूनों का किसानों ने जमकर विरोध किया। किसानों ने गांव, कस्बों व मोहल्लो में जगह-जगह ट्रैक्टर मार्च व बाइक रैली निकाली। हालांकि पुलिस ने खंदौली, जैगारा, किरावली व पथौली आदि जगहों पर किसानों के मार्च को रास्ते में ही आगे बढ़ने से रोक दिया। इससे गुस्साए किसान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते रहे। साथ ही कृषि अध्यादेश को किसान विरोधी बताते हुए, उसे वापस लेने की मांग करते रहे।
दरअसल केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए कृषि अध्यादेश का कुछ किसान संगठन विरोध कर रहे हैं। इसके विरोध में पिछले लगभग दो महीने से दिल्ली बॉर्डर पर पड़े हुए हैं।
उन्होंने गणतंत्र दिवस पर देशभर के किसानों से आह्वान किया था कि दिल्ली व जनपद स्तर पर ट्रैक्टर मार्च निकालकर केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए कृषि अध्यादेश का विरोध करें।
आगरा के ग्रामीण इलाकों में कुछ जगहों पर मंगलवार को किसानों ने विरोध किया। जिनमें खंदौली, किरावली, पथौली व जैंगारा आदि जगह हैं। लेकिन पुलिस ने उन्हें गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया। खंदौली में प्रधान सत्यवीर सिंह जूरैल के नेतृत्व में लगभग डेढ़ सौ ट्रैक्टर पर सवार होकर किसान मार्च के लिए निकले, उन्हें पैंतखेड़ा से बुर्ज, रायसिंह, मलूपुर, उजरई, अजीत गढ़ होते हुए खंदौली पहुंचना था, लेकिन रास्ते में ही गढ़ी रायसिंघ खंदौली पुलिस ने किसानों को आगे बढ़ने से रोक दिया। पथौली और जैंगारा में भी किसानों की ट्रैक्टर रैली को किरावली जाने से रोक दिया। वहीं किरावली के किसान भी ट्रैक्टरों द्वारा पूरे किरावली का में मार्च करना चाहते थे, उन्हें भी पुलिस ने मार्च निकालने से रोक लिया।
पुलिस द्वारा रोके जाने पर प्रधान सत्यवीर सिंह ने कहा कि किसान का शांति पूर्वक ट्रैक्टर मार्च चल रहा था, लेकिन पुलिस ने उन्हें जबरदस्ती रोक दिया, जो लोकतांत्रिक देश में सही नहीं है। यहां सबको अपने अधिकार के लिए आवाज उठाने का अधिकार है। लेकिन यहां तो लोगों को अपनी आवाज उठाने से भी रोका जा रहा है, जो निंदनीय है।
कहाकि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए कृषि कानून पूरी तरह किसान विरोधी है। इनसे किसानों का भला होने वाला नहीं है। सरकार को किसानों से ज्यादा उद्योगपतियों की चिंता है। सरकार पूंजीपतियों की चिंता छोड़ किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए नए कृषि कानून को वापस ले। इस दौरान धीरज सिंह, धर्मेंद्र सिंह, गिरवर जूरैल, अनुज जूरैल, भोला ईशु चैधरी, गौरव प्रधान आदि मौजूद रहे।
Submitted By: Edited By: Rajesh Kumar Tiwari
