– ओएफबी की रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए संयुक्त पहल
कानपुर (हि.स.)। देश को नई-नई तकनीक मुहैया कराने वाला भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर आयुध निर्माण बोर्ड के साथ समझौता किया है। इसके तहत आईआईटी माॅस्टर आफ डिजाइन के जरिये आयुध निर्माणी बोर्ड को हथियार प्रणाली के क्षेत्र में मजबूत करेगा।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर (आईआईटी) और आयुध निर्माणी बोर्ड कोलकाता ने एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया। इस समझौता ज्ञापन के तहत भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर आयुध निर्माणी बोर्ड द्वारा प्रायोजित अधिकारियों के लिए एक अनुकूलित मास्टर ऑफ डिज़ाइन कार्यक्रम की पेशकश करेगा जो उन्हें भारत की जरूरतों के लिए परिष्कृत हथियार और हथियार-प्रणाली तैयार करने में मदद करेगा। यह एक अनूठा शैक्षणिक कार्यक्रम है जो भारत में और शायद पूरे एशिया में भी पहला है।
कार्यक्रम ओएफबी अधिकारियों को न केवल सामान्य डिजाइन सिद्धांतों में विशेषज्ञता हासिल करने में मदद करेगा, बल्कि कई हथियार-विशिष्ट प्रौद्योगिकियों में भी मदद करेगा। ऐसा उद्योग-विशिष्ट ज्ञान आमतौर पर नियमित इंजीनियरिंग कार्यक्रमों के माध्यम से उपलब्ध नहीं होता है। इस कार्यक्रम के लिए छात्रों की भी आवश्यकता होगी जो ऐसी प्रोजेक्ट्स पर काम कर सकें जो हथियारों के डिजाइन और उत्पादन के क्षेत्र से सीधे तौर पर प्रासंगिक होंगी।
यह भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर और आयुध निर्माणी बोर्ड की संयुक्त पहल विशेष रूप से हथियारों के क्षेत्र में राष्ट्रीय आत्मनिर्भर भारत अभियान और सामान्य रूप से रक्षा प्रौद्योगिकियों और उत्पादों के साथ निकटता से जुड़ी हुई है। यह कार्यक्रम भारत की निजी क्षेत्र की कंपनियों के लिए भी अत्यधिक प्रासंगिक होगा जो हथियार प्रणालियों के क्षेत्र में उद्यम कर रही हैं।
समझौता ज्ञापन पर आईआईटी कानपुर के अकादमिक मामलों की डीन प्रो० अचला एम रैना और आयुध निर्माणी बोर्ड के उप महानिदेशक (सीसीडी और मानव संसाधन) गगन चतुर्वेदी ने प्रो. नचिकेता तिवारी, विभागाध्यक्ष डिजाइन कार्यक्रम आईआईटी कानपुर की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए।
