– एसएसपी व एसपी नॉर्थ ने किया आईजीआरएस संभाग का निरीक्षण
– आईआरएस प्रार्थना पत्रों का सही तरीके से निस्तारण न करने वाले पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ भी होगी कार्रवाई
गोरखपुर(हि.स.)। आइजीआरएस नोडल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ विपिन ताडा व पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) मनोज कुमार अवस्थी ने शुक्रवार को आइजीआरएस संभाग का निरीक्षण किया। यह जानने की कोशिश किया कि आखिर किन वजहों से आईजीआरएस पोर्टल पर एक ही आवेदक द्वारा बार-बार शिकायत दर्ज कराई जा रही है। इसके अलावा मुख्यमंत्री या अन्य पोर्टल पर पहुंचकर शिकायतें दर्ज कराई जा रहीं हैं। अधिकारीद्वय ने यह भी जानने की कोशिशें की कि सआबंधित शिकायतकर्ता की समस्या का निस्तारण किन कारणों से नहीं हो पा रहा है।
बार बार होने वाली ऐसी शिकायतों को गम्भीरता से लेते हुए अधिकारियों ने सच्चाई जानने के लिए काली मंदिर स्थित आईजीआरएस संभाग पहुंचे। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने आइजीआरएस प्रभारी व सम्बंधित को समस्या निस्तारण में लापरवाही पर चेताया भी। कहा कि आइजीआरएस पोर्टल पर आए प्रार्थना पत्रों का निस्तारण न्यायसंगत व समयबद्ध करें। इस दौरान वादी का बयान दर्ज करें। फिर थाने के सम्बंधित प्रभारी, बीट प्रभारी और हल्का प्रभारी की आख्या को नोट करें। एंकर आधार पर ही आईजीआरएस आवेदक के प्रार्थना पत्रों को निस्तारित किया जाए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ विपिन ताडा ने कहा कि एक ही मामले में बार-बार वादी का शिकायती पत्र आना सम्बंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही को दर्शाने वाला है। प्रार्थना पत्र का सही तरीके से निस्तारण क्यों नहीं हो पा रहा है, यह विचारणीय है। उन्होंने कहा कि अगर जांच में बिना किसी वजह के वादी द्वारा प्रार्थना पत्र दिया जाना पाया जाए तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करें। वादी के खिलाफ ही मुकदमा पंजीकृत कराएं। उन्होंने चेताया कि यदि पुलिस द्वारा निस्तारण में लापरवाही बरता जाना पायेगा तो सम्बंधित जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई तय है।
आमोद
