वाराणसी (हि.स.)। आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम के अन्तर्गत “गंगा मशाल यात्रा” का सोमवार को अस्सी घाट पर स्वागत किया गया। इस दौरान “गंगा उत्सव-एक नदी महोत्सव” कार्यक्रम के तहत वैदिक मंत्रोच्चारण, गंगा आरती, गंगा यज्ञ कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया। अपरान्ह बाद गंगा मशाल टीम पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अगले गंतव्य के लिए प्रस्थान कर गई।
यात्रा में शामिल मेजर जनरल एल0एन0 जोशी, सुनील कुमार सिंह (उप निदेशक, जल शक्ति मंत्रालय) के नेतृत्व में यात्रा की शुरूआत 08 नवम्बर को ऋषिकेश उत्तराखण्ड से हुई। यात्रा का समापन 26 नवम्बर को बंगाल की खाड़ी में किया जायेगा। रविवार की शाम शहर में आई यात्रा का उद्देश्य जन सामान्य को गंगा की पवित्रता, स्वच्छता और उनके महत्व के प्रति जागरूक करना है। गंगा मशाल दल के नोडल अधिकारी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि गंगा की स्वच्छता, अविरलता और निर्मलता के प्रति जन-मानस में अलख जगाने हेतु अभियान चलाया जा रहा है। आस्था और संस्कृति के प्रतीक गंगा को साफ रखने के लिए सामूहिक भागीदारी की आवश्यकता है। यात्रा का नेतृत्व कर रहे गंगा टास्क फोर्स के मेजर जोशी ने बताया कि बीते 4, नवम्बर को राष्ट्रीय नदी घोषित किये जाने के साथ ही देश भर में गंगा उत्सव के कार्यक्रम आयोजित किये गये। यात्रा के माध्यम से हम नदियों को स्वच्छ रखने का संदेश आम जन तक पहुचायेंगे।
स्वागत समारोह में जिला गंगा समिति, प्रभागीय वनाधिकारी महावीर कौजलगी भी शामिल हुए। संचालन सुबह-बनारस के सचिव, डा0 रत्नेश वर्मा ने किया।
