Wednesday, March 4, 2026
Homeउत्तर प्रदेशअसंख्य दीयों की रौशनी से जगमग हुआ ऐतिहासिक चुंद स्थल, बुद्ध ने...

असंख्य दीयों की रौशनी से जगमग हुआ ऐतिहासिक चुंद स्थल, बुद्ध ने अंतिम बार यहीं किया था भोजन

-कुशीनगर के प्राचीन पावानगर(फाजिलनगर) में स्थित है पवित्र स्थल

कुशीनगरर(हि.स.)। गौतम बुद्ध का अंतिम भोजन स्थल धन त्रयोदशी की देर रात मंगलवार को असंख्य दीयों की रौशनी से जगमगा उठा। यह स्थल ‘चुंद स्थल’ के नाम से प्रसिद्ध है। इस अवसर पर लोगों ने बुद्ध के ‘अप्प दीपो भव:’ के सन्देश को ग्रहण किया और इस मार्ग पर चलते हुए मानवता के विकास व उत्थान का संकल्प लिया। अनेक बौद्ध भिक्षु व गणमान्य व्यक्ति इस अवसर विशेष के साक्षी बने।

नगर पंचायत के तत्वाधान में आयोजित इस दीपोत्सव कार्यक्रम का शुभारम्भ विधायक गंगा सिंह कुशवाहा, प्रशासक पूर्ण बोरा,अधिशासी अधिकारी प्रेम शंकर गुप्त ने दीप प्रज्ववलित कर किया। विधायक गंगासिंह कुशवाहा ने कहा की दीपोत्सव सुख समृद्धि का द्योतक है। पर्यावरण के शुद्धिकरण का भी सशक्त माध्यम है। हम सभी को भी दीप की भांति मानवता के कल्याण का संकल्प लेना चाहिए।

ज्वाईंट मजिस्ट्रेट पूर्ण बोरा स्थल के विकास, उन्नयन और इसे विश्व पर्यटन के मानचित्र पर स्थापित करने का संकल्प दोहराया। भंते नन्दरत्न, निकिता बोरा, टी. के. राय, श्रवण कुमार तिवारी समेत अनेक लोगों ने दीपोत्सव में सहभागिता की।

चुंद के घर किया था भोजन

बौद्ध साहित्य में उल्लेख मिलता है कि गौतम बुद्ध ने महापिरिनर्वाण से तीन माह पूर्व वैशाली में तत्कालीन मल्ल गणराज्य कुशीनगर में परिनिर्वाण की घोषणा की थी। वैशाली से चलकर बुद्ध पावानगर पहुंचे और वहां चुंद नामक व्यक्ति के घर सुकर मद्धो(भोजन) ग्रहण किया। जिसके बाद बुद्ध को अतिसार हो गया। सोनवा, कुकुत्था व हिरण्यवती नदियों को पार कर वह कुशीनगर पहुंचे और मल्ल राजा से प्राण त्याग की अनुमति मांगी। अंतिम उपदेश देने के बाद उनका महापरिनिर्वाण हुआ था।

RELATED ARTICLES

Most Popular