– 150 करोड़ रुपये की विदेशी फंडिंग के साक्ष्य मिले
लखनऊ (हि.स.)। अवैध धर्मांतरण के मामले को लेकर अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था प्रशांत कुमार का बयान आया है। कहा कि इस मामले में अभी तक 16 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। दस लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया गया है।
एडीजी ने कहा कि अवैध धर्मांतरण के मामले में पकड़े गए मुख्य आरोपित उमर गौतम, सलाहुद्दीन और उनके एक सहयोगी को यूके स्थित ट्रस्ट से 57 करोड़ रुपये मिले हैं। उप्र एटीएस की आर्थिक शाखा ने अभी तक करीबन 150 करोड़ रुपये की विदेशी फंडिंग के साक्ष्य जुटाए हैं। पांच साल के दौरान उमर गौतम की संस्था इस्लामिक दावा सेंटर और फातिमा चैरिटेबल ट्रस्ट को 30 करोड़ से ज्यादा रुपये विदेशी संस्थाओं से मिले, मगर उसने इसका 60 फीसदी ही धर्मांतरण पर खर्च किया था।
बड़ोदरा निवासी सलाहुद्दीन की संस्था अमेरिकन फेडरेशन ऑफ मुस्लिम ऑफ इंडियन ओरिजिन को पांच वर्षों में 28 करोड़ रुपये मिले, जो उसने उमर गौतम को दिए थे। 22 करोड़ रुपये कलीम की संस्था अल हसन एजुकेशनल सोसाएटी को भेजे गए थे, यह फंड दुबई, तुर्की और अमेरिकी संस्थाओं की तरफ से भेजे गए थे। इसके अलावा महाराष्ट्र के प्रकाश कावड़े उर्फ एडम और उसके सहयोगियों को ब्रिटेन की एक संस्था से 57 करोड़ रुपये अवैध धर्मांतरण को बढ़ाने के लिए मिले थे।
