एनजीटी के नियमों की अनदेखी पर खदानें भी होगी सीज
हमीरपुर (हि.स.)। जिले में दर्जनों मोरम खदानों में अवैध खनन के मामले में अब एनजीटी (राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण) ने बड़ी कार्रवाई की तैयारी की है। समाजसेवी एवं अधिवक्ता की याचिका पर एनजीटी ने आधा दर्जन से अधिक मोरम खदानों की जांच कर इन्हें सीज करने के निर्देश दिए है। जिससे यहां मोरम कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। एनजीटी अब पूरे मामले की सुनवाई 1 सितम्बर 2022 को करेगा।
हमीरपुर जिले के मौदहा, सरीला, राठ व हमीरपुर तहसील क्षेत्र में दर्जनों मोरम खदानें संचालित है। खदानों में मोरम कारोबारियों के प्रतिबंधित मशीनों से खनन करने के खेल खेले जाने से बेतवा नदी की जलधारा भी विलुप्त हो गई है। कई मोरम खदानों के कारोबारियों ने बेतवा नदी जलधारा रोककर अवैध पुल बना रखे थे जिन्हें हाल में ही एसडीएम सदर ने बुलडोजर चलवाकर ध्वस्त कराया है। इससे पहले सरीला क्षेत्र में भी बेतवा नदी में बनाए गए अवैध पुल तोड़वाए गए थे इसके बाद भी अवैध खनन का खेल लगातार जारी है। तीन दिन पूर्व हमीरपुर के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट संजय मीणा ने कुरारा क्षेत्र के बेरी गांव के पास बेतवा नदी किनारे संचालित खंड-10/22 में टीम के साथ छापेमारी की तो बेतवा नदी में बने दो अवैध पुल देख वह दंग रह गए।
उन्होंने पोकलैंड मशीनों से दोनों पुल को तुड़वाकर मोरम कारोबारी के खिलाफ जांच के आदेश दिए थे। इतना ही नहीं इससे पहले सरीला क्षेत्र में एसडीएम खालिद अंजुम ने भी 24/9 में छापामारी कर अवैध खनन का बड़ा मामला पकड़ा था। खनन क्षेत्र की सीमा से बाहर 2038 घन मीटर व 10/13 खंड में 2400 घन मीटर मोरम का अवैध खनन करने पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। मशीनें भी सीज की गई थी। लगातार प्रशासनिक अफसरों की छापेमारी के बाद भी मोरम खदानों में अवैध खनन पर शिकंजा नहीं कस रहा है। इसीलिए खदानों में अवैध खनन को लेकर हमीरपुर के समाजसेवी व अधिवक्ता आशीष कुमार द्विवेदी ने एनजीटी में एक याचिका दायर कर बेतवा नदी के अस्तित्व को बचाने की मांग की। हमीरपुर के एडीएम रमेश चन्द्र ने शुक्रवार को दोपहर बताया कि एनजीटी नई दिल्ली से लेटर खनिज विभाग में आया है जिसे लेकर पांच सदस्यीय टीम मोरम खदानों की जांच कर रिपोर्ट तैयार करेगी। बताया कि जांच कमेटी में पर्यावरण बांदा से एक, लखनऊ से दो व हमीरपुर से दो अफसर नामित होंगे जो एनजीटी के निर्देशों पर जांच करेगी।
एनजीटी के आदेश के बाद पांच सदस्यीय टीम करेगी जांच
याचिकाकर्ता आशीष कुमार द्विवेदी एडवोकेट ने बताया कि जिले में मोरम खंड-30/2, 23/13, 23/7, 31/4, 24/13, 24/17 व 10/22 आदि सात खदानों में मोरम कारोबारियों ने मशीनों से अवैध खनन कर बेतवा नदी के स्वरूप को तहसनहस कर दिया है। इसीलिए इन खदानों में मशीनों से अवैध खनन करने के साक्ष्य सहित पूरा मामला एनजीटी कोर्ट में दायर किया गया है जिसमें एनजीटी की मेन बेंच नई दिल्ली न्यायालय ने इन खदानों पर एक टीम बनाकर अवैध खनन का लेखाजोखा तैयार कर एनजीटी के न्यायालय में 1 सितम्बर 22 तक रिपोर्ट तलब की है।
अवैध खनन की जांच को बनेगी पांच सदस्यीय टीम
जिले में सात मोरम खदानों में अवैध खनन की जांच पांच सदस्यीय टीम करेगी। इसके लिए एनजीटी ने आदेश खनिज निदेशालय को दिए है। याचिकाकर्ता ने बताया कि खनिज निदेशक, सीपीसीबी, एसपीसीबी एवं डीएम के साथ एक संयुक्त टीम चार सप्ताह के अंदर मौके की स्थिति की जांच करेगी। एनजीटी के नियमों के उल्लंघन करने वाले लोगों पर भारी जुर्माना लगाए जाने के साथ ही मोरम खदानें सीज की जाए। प्रतिबंधित मशीनों को सीज करने के भी निर्देश दिए गए है। बताया कि एनजीटी ने जांच और कार्रवाई की रिपोर्ट भी 1 सितम्बर 22 को तलब की है।
पंकज
