लखनऊ(हि.स.)। सौ वर्ष से ज्यादा पुराने अलीगंज स्थित पुराना हनुमान मंदिर के मुख्य द्वार पर बनी दुकानों को सोमवार को जेसीबी लगाकर हटा दिया गया। दुकानों को हटाते वक्त दुकानदारों ने इसका विरोध किया और पुराने कोर्ट के आदेश की प्रति भी दिखायी। बावजूद इसके एसीएम तृतीय की मौजूदगी में पुलिसकर्मियों ने दुकानदारों को खदेड़ दिया और दुकान को उखाड़ फेंका।
मौके पर मौजूद दुकानदारों ने मंदिर ट्रस्ट के सचिव राजेश पाण्डेय पर आरोप लगाया कि उन्होंने मंदिर में मिठाई व फूल माला की दुकानों को हटवाने के लिए पहली बैठक में कहा था। उस वक्त दुकानदार जयदेव ने अपने दुकान से संबंधित कोर्ट के आदेश को दिखाया था, लेकिन उसके बावजूद मंदिर में नई दुकान देने की बात कहकर खुद से हट जाने के लिए कहा गया।
इसी क्रम में सुबह के वक्त अलीगंज थाने से आये पुलिसकर्मियों ने दुकानदारों को हटने के लिए कहा और कुछ देर में ही मौके पर जेसीबी ला कर कार्यवाही शुरु कर दी गयी। इसमें एक एक कर दुकानों को तोड़ दिया गया। इस दौरान जिस दुकान में मिठाई रखी थी, उसे भी पूर्णतः श्रतिग्रस्त कर तोड़ा गया।
ट्रस्ट में 11 सदस्यों की टीम है और इनकी ओर से पुराना हनुमान मंदिर के द्वार को विशालकाय बनाने के लिए दुकानों को हटवाने की कार्यवाही करायी गयी है। कार्यवाही के संबंध में ट्रस्ट की ओर से कहा गया कि मंदिर की सुंदरता के दृष्टि से एक विशालकाय द्वार बनना है। इस द्वार के बनने से मंदिर की सुंदरता बढ़ेगी। इसके अलावा पीछे की तरफ छह दुकानें भी बनवायी जायेगी, जो दुकानदार आज यहां परेशान दिख रहे है। इन्हीें को दुकानें देने के लिए लॉटरी निकालेंगे।
शरद/राजेश तिवारी
