कुशीनगर(हि. स.)। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व उप्र भाजपा के प्रभारी डॉ. राधामोहन सिंह ने कहा है कि देश को आजादी मिलने के बाद अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली ऐसी पहली सरकार थी, जिसने अलग से जनजाति मंत्रालय का गठन किया। इसके बाद देश भर के आदिवासियों ,वनवासियों और जनजातियों के कल्याण व उत्थान के कार्यक्रम शुरू कर उनकी खोई पहचान को वापस दिलाने का जो कार्य शुरू हुआ, वह आज भी जारी है।
डॉ. राधामोहन सिंह सोमवार को कुशीनगर के कसया में भाजपा अनुसूचित मोर्चा की प्रदेश कार्यसमिति की दूसरे सत्र की बैठक को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के लोगों ने देश की आजादी में योगदान दिया। इस समाज का देश के उत्थान में एक गौरवशाली इतिहास रहा है किंतु 60 साल तक गैर भाजपा सरकारों ने इतिहास को दबाया ही,समाज को कुचलने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने कहा कि स्वतन्त्रता संग्राम, प्राचीन, मध्य व आधुनिक इतिहासकाल रानी दुर्गावती, तात्या भील, विरसा मुंडा आदि महापुरुषों की शौर्य गाथाओं से भरा हुआ है,किंतु भाजपा को छोड़कर किसी ने भी इस अतुलनीय योगदान देने वाले इस समाज के लोगों की चिंता नहीं की।
छह दशक के कांग्रेस शासन में विकास के नाम पर इस समाज को अपमान व तिरस्कार मिला है।अलगाव के जरिये पहचान मिटाने की कोशिश की गई। अशिक्षा, कुपोषण, बीमारी, आर्थिक पिछड़ापन इस समाज की पहचान बना दी गई। विदेशी ताकतों ने धर्म परिवर्तन के लिए टारगेट बनाया ।
भाजपा लगातार इस समाज की खोई पहचान को उभारकर देश की मुख्य धारा में लाने का कार्य कर रही है। मोदी सरकार ने 5508 करोड़ का बजट बढ़ाकर 7524 करोड़ बजट देकर समाज को मुख्य धारा में लाने का कार्य किया है। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का मंच पर जोरदार स्वागत किया गया। जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष व पदाधिकारी स्वागत करने वालों में शामिल रहे।
